नई दिल्ली। 15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सीट को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी को समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है और उनकी सीटिंग टेबल ऑफ प्रेसीडेंस के अनुसार तय होगी।
कैबिनेट मंत्रियों के बाद मिलेगी सीट
डिफेंस सेक्रेटरी आरके सिंह ने बताया कि विपक्ष के नेता को समारोह में आमंत्रित किया गया है और प्रोटोकॉल के तहत उनकी सीट केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के ठीक बाद होगी।
यानी इस बार राहुल गांधी की सीट को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब सरकार ने प्रोटोकॉल के नियमों के हवाले से दे दिया है।
पिछले साल भी हुआ था विवाद
राहुल गांधी की सीटिंग को लेकर विवाद नया नहीं है। पिछले साल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी को पांचवीं लाइन में बैठाया गया था।
कांग्रेस ने इसे विपक्ष के नेता के पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए सरकार की आलोचना की थी। हालांकि, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने तब भी कहा था कि बैठने की व्यवस्था टेबल ऑफ प्रेसीडेंस के नियमों के मुताबिक की गई थी।
गणतंत्र दिवस पर भी उठ चुका है सवाल
इस साल गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भी राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी लाइन में बैठाए जाने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर प्रोटोकॉल की अनदेखी करने का आरोप लगाया था।
इसके बाद एक बार फिर स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी की सीट को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
आखिर क्या है Table of Precedence?
सरकारी और राष्ट्रीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था Table of Precedence यानी वॉरंट ऑफ प्रिसीडेंस के आधार पर की जाती है। इसमें किसी व्यक्ति की राजनीतिक पार्टी के बजाय उसके संवैधानिक पद और आधिकारिक रैंक को महत्व दिया जाता है।
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोहों में इसी प्रोटोकॉल के आधार पर मेहमानों की सीटिंग तय की जाती है।
विपक्ष के नेताओं की क्या है स्थिति?
प्रोटोकॉल के अनुसार लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं को केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के साथ स्थान दिया जाता है। उनसे ऊपर प्रोटोकॉल क्रम में लोकसभा अध्यक्ष, भारत के मुख्य न्यायाधीश और पूर्व प्रधानमंत्री जैसे पद आते हैं।
सरकार का कहना है कि 15 अगस्त 2026 को भी राहुल गांधी की सीटिंग इसी निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार होगी।
इस तरह राहुल गांधी की सीट को लेकर चल रहा सस्पेंस फिलहाल खत्म हो गया है और सरकार ने साफ कर दिया है कि समारोह में उनकी जगह किसी राजनीतिक पसंद के आधार पर नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रोटोकॉल के मुताबिक तय होगी।
