नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी बल्लेबाज डेविड मिलर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत एक बड़ी उपलब्धि के साथ करना चाहते हैं। 37 वर्षीय मिलर की नजर खास तौर पर 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर है, जिसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे। टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर 2027 में प्रस्तावित है।
मिलर की इच्छा है कि वह अपने घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जिताने में योगदान दें और हाथ में ICC ट्रॉफी लेकर अपने करियर को अलविदा कहें।
‘करियर खत्म करना चाहता हूं ट्रॉफी के साथ’
जियोस्टार से बातचीत में मिलर ने कहा कि विश्व कप जीतना उनके लिए एक बड़ा लक्ष्य है। उनका मानना है कि अगर अपने देश, अपने प्रशंसकों और अपने घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को विश्व कप जिताने में सफलता मिलती है तो इससे बेहतर विदाई उनके लिए कुछ नहीं हो सकती।
मिलर ने यह भी कहा कि 2027 वर्ल्ड कप की टीम में जगह बनाना अभी निश्चित नहीं है। इसलिए उनका फोकस खुद को फिट रखने, लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और टीम में अपनी जगह हासिल करने पर रहेगा।
2027 वर्ल्ड कप क्यों है मिलर के लिए खास?
2027 का विश्व कप दक्षिण अफ्रीका के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। देश अब तक पुरुषों का वनडे वर्ल्ड कप नहीं जीत सका है। ऐसे में घरेलू परिस्थितियों में खिताब जीतने का मौका टीम के लिए ऐतिहासिक हो सकता है।
2027 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के साथ नामीबिया भी मेजबान है। टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और मुकाबले अक्टूबर से नवंबर 2027 के बीच खेले जाने हैं।
2024 टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल आज भी याद
मिलर के करियर की सबसे बड़ी टीसों में से एक 2024 टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल भी है। भारत के खिलाफ खेले गए फाइनल में दक्षिण अफ्रीका जीत के बेहद करीब पहुंच गया था, लेकिन मैच के अंतिम चरण में मिलर का विकेट गिरना निर्णायक साबित हुआ।
लॉन्ग ऑफ पर सूर्यकुमार यादव के शानदार कैच ने मिलर की पारी का अंत किया और दक्षिण अफ्रीका विश्व चैंपियन बनने से चूक गया।
उस हार के बाद भी मिलर लगातार दक्षिण अफ्रीका की सीमित ओवरों की टीम का अहम हिस्सा बने रहे।
‘फिनिशर’ की भूमिका पर सबसे ज्यादा गर्व
मिलर ने अपने करियर की पहचान के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें सबसे अधिक गर्व इस बात पर होगा कि उन्होंने मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज और मैच फिनिशर के तौर पर अपनी पहचान बनाई।
टी20 क्रिकेट में मिलर लंबे समय से दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद फिनिशरों में शामिल रहे हैं। मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से रन बनाना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।
दक्षिण अफ्रीका के पास भी है ICC ट्रॉफी का इंतजार खत्म करने का मौका
दक्षिण अफ्रीका को अक्सर बड़े ICC टूर्नामेंटों में मजबूत टीम माना जाता है, लेकिन पुरुषों के वनडे और टी20 वर्ल्ड कप में टीम अब तक खिताब नहीं जीत सकी है।
हालांकि हाल के वर्षों में तस्वीर बदली है। दक्षिण अफ्रीका ने 1998 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2025 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है।
अब 2027 का विश्व कप उसके लिए सबसे बड़ा लक्ष्य बन सकता है।
मिलर के सामने दोहरी चुनौती
मिलर के लिए 2027 तक पहुंचना आसान नहीं होगा। वह तब लगभग 38-39 वर्ष के होंगे और दक्षिण अफ्रीका की टीम में युवा खिलाड़ियों के आने के साथ प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
ऐसे में उन्हें अपनी फिटनेस, फॉर्म और मैच जिताने की क्षमता लगातार साबित करनी होगी।
लेकिन अगर वह टीम में जगह बनाने में सफल रहते हैं और दक्षिण अफ्रीका घरेलू मैदान पर विश्व कप जीत जाता है, तो मिलर के लिए यह उनके लंबे करियर का सबसे यादगार अंत होगा।
मिलर का लक्ष्य साफ है
2027 वर्ल्ड कप → दक्षिण अफ्रीका की जीत → हाथ में ICC ट्रॉफी → शानदार विदाई।
यही वह सपना है जिसे दक्षिण अफ्रीका के इस अनुभवी फिनिशर ने अपने करियर के अंतिम दौर में सामने रखा है।
