दिल्ली में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा अपडेट: 17 अगस्त तक फॉर्म जमा करें, ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं तो भी मौका बाकी

दिल्ली

नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन 14 अगस्त तक लगभग 66.75% फॉर्म ही डिजिटाइज हुए थे।

⚠️ 17 अगस्त है अहम तारीख

SIR के गणना चरण के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने और ऑनलाइन सबमिशन की अंतिम तारीख 17 अगस्त 2026 बताई गई है।

इसलिए जिन मतदाताओं ने अभी तक अपना फॉर्म जमा नहीं किया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

क्या 30% वोटर्स के नाम सीधे कट जाएंगे?

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। रिपोर्ट में करीब 30% मतदाताओं के ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं होने की संभावना बताई गई है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इन सभी लोगों के नाम स्थायी रूप से मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।

फॉर्म जमा न होने के पीछे अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट मतदाताओं जैसे कारण भी बताए गए हैं।

ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं आया तो क्या करें?

24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 के बीच मतदाता दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे। नए पते पर नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, पात्र मतदाताओं के नाम 27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकते हैं।

📊 दिल्ली SIR की स्थिति

14 अगस्त की शाम तक:

  • कुल मतदाता: 1,45,10,299
  • फॉर्म वितरण: 100%
  • डिजिटाइज फॉर्म: 96,85,155
  • डिजिटाइजेशन: 66.75%
  • फॉर्म जमा/डिजिटाइजेशन की अंतिम तारीख: 17 अगस्त
  • ड्राफ्ट मतदाता सूची: 24 अगस्त
  • दावे-आपत्तियां: 24 अगस्त–23 सितंबर
  • अंतिम मतदाता सूची: 27 अक्टूबर

🗳️ मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी संदेश

अगर आपका नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में है, लेकिन आपने SIR का एन्यूमरेशन फॉर्म अभी तक जमा नहीं किया है, तो 17 अगस्त की समयसीमा को गंभीरता से लें।

और यदि 24 अगस्त की ड्राफ्ट सूची में आपका नाम नहीं मिलता, तो घबराने की जरूरत नहीं है—निर्धारित अवधि में दावा/आपत्ति दाखिल करके अपना नाम शामिल कराने का अवसर रहेगा।

Action Point: आज ही अपना SIR फॉर्म, वोटर डिटेल और जमा किए गए फॉर्म की स्थिति जांचें। दिल्ली में बड़ी संख्या में किराएदार और स्थानांतरित मतदाता होने के कारण पता और मतदाता रिकॉर्ड का सही होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

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