भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान, स्मृति ईरानी की वापसी; वसुंधरा राजे समेत कई दिग्गजों को अहम जिम्मेदारी

राजनीति

नई दिल्ली: आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन के विस्तार की रणनीति के बीच भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। 17 अगस्त 2026 को घोषित इस टीम में अनुभव और नए चेहरों का मिश्रण दिखाई दिया है। पार्टी ने कुल 65 राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा की है, जिनमें 51 नए चेहरे बताए जा रहे हैं।

नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है, जबकि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन में राम माधव की भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर वापसी हुई है।

स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी

अमेठी की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने को भाजपा के संगठनात्मक विस्तार में अहम नियुक्ति माना जा रहा है।

खास तौर पर उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। पार्टी की नई टीम में उत्तर प्रदेश से कई नेताओं को स्थान मिला है।

वसुंधरा राजे और राम माधव को बड़ी जिम्मेदारी

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं आरएसएस से जुड़े वरिष्ठ नेता राम माधव की भी इसी पद पर वापसी हुई है।

इसके अलावा बैजयंत जय पांडा, तीरथ सिंह रावत, मनप्रीत सिंह बादल और डी. पुरंदेश्वरी समेत कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

पीयूष गोयल बने राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भाजपा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन में यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय जिम्मेदारी मानी जाती है।

वहीं बीएल संतोष राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) के पद पर बने हुए हैं। विनोद तावड़े और सुनील बंसल को भी राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी में बरकरार रखा गया है।

अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के

नई टीम में भाजपा के सोशल मीडिया संगठन में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अमित मालवीय को सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी से हटाकर दीपक म्हस्के को नया सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है।

वहीं अनिल बलूनी को मीडिया संयोजक के पद पर बरकरार रखा गया है।

दक्षिण और पूर्वी भारत पर भी फोकस

नई टीम में भाजपा ने अलग-अलग क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों के नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

ओडिशा से बैजयंत पांडा और संबित पात्रा, केरल से के. सुरेंद्रन तथा तमिलनाडु से डॉ. एम. वेंकटेशन जैसे नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में भूमिका मिली है। बंगाल से भी मनोज तिग्गा और मधुचंदा कर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

महिलाओं और नए चेहरों को भी जगह

भाजपा की नई टीम में महिलाओं और युवा नेताओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक नई राष्ट्रीय टीम में 10 महिला नेता और छह अल्पसंख्यक समुदायों से आने वाले नेता शामिल हैं।

पार्टी नेतृत्व का कहना है कि नई टीम में अनुभव और नई ऊर्जा का संतुलन बनाया गया है। यह संगठन को अगले चुनावी दौर के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

2027 से आगे के चुनावों पर नजर

भाजपा की नई टीम का गठन ऐसे समय हुआ है जब पार्टी कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है। संगठनात्मक पुनर्गठन के जरिए पार्टी बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने, नए सामाजिक समूहों तक पहुंच बढ़ाने और अलग-अलग राज्यों में नेतृत्व को सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।

नई टीम में पुराने अनुभवी नेताओं की वापसी और बड़ी संख्या में नए चेहरों को शामिल किया जाना इस बात का संकेत है कि भाजपा संगठन में अनुभव और नई पीढ़ी के नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

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