नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हालिया बयान के बाद उनके राजनीतिक संन्यास को लेकर शुरू हुई अटकलों पर अब उनके कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। गडकरी के ऑफिस ने कहा है कि ‘नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने’ वाला बयान राजनीति से जुड़ा नहीं था।
उनके कार्यालय के मुताबिक, गडकरी यह बात लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के संदर्भ में कह रहे थे, न कि सक्रिय राजनीति से अपनी विदाई के बारे में।
🎯 क्या कहा था नितिन गडकरी ने?
रविवार को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने कई जिम्मेदारियां निभाईं और सार्वजनिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे।
इसी दौरान उन्होंने कहा कि अब वह पहले जितनी मेहनत नहीं कर सकते और नई पीढ़ी को आगे आकर अधिक जिम्मेदारी संभालने का मौका मिलना चाहिए।
इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे गडकरी के भविष्य और संभावित राजनीतिक संन्यास से जोड़कर देखा जाने लगा।
🎯 गडकरी के ऑफिस ने क्या सफाई दी?
गडकरी के कार्यालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि उनके बयान का राजनीति से कोई संबंध नहीं था।
ऑफिस के मुताबिक, गडकरी लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के बारे में बात कर रहे थे। यह उनके द्वारा स्थापित संस्था है, जो आदिवासी क्षेत्रों में एकल विद्यालय चलाने से जुड़ी है।
इसी संदर्भ में उन्होंने कहा था कि वह अब पहले जितना काम नहीं कर सकते और इसलिए युवा पीढ़ी को अधिक जिम्मेदारी लेने का अवसर मिलना चाहिए।
🎯 राजनीतिक संन्यास की अटकलों पर लगा ब्रेक
गडकरी के बयान को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में राजनीतिक संन्यास की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन उनके कार्यालय के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ किया गया है कि बयान को राजनीतिक संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए।
ऑफिस ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ टेलीविजन चैनलों ने बयान को उसके वास्तविक संदर्भ से अलग करके राजनीतिक टिप्पणी के रूप में पेश किया।
🎯 क्या है पूरा मामला?
- गडकरी ने रविवार को नागपुर में बयान दिया।
- उन्होंने कहा कि अब वह पहले जितना काम नहीं कर सकते।
- उन्होंने नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने की बात कही।
- इसके बाद राजनीतिक संन्यास की अटकलें शुरू हुईं।
- गडकरी के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि बयान लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के संदर्भ में था।
- कार्यालय ने कहा कि इसका उनकी राजनीतिक सक्रियता से कोई संबंध नहीं है।
यानी फिलहाल गडकरी के राजनीतिक संन्यास की अटकलों को उनके कार्यालय ने खारिज कर दिया है।
