तुर्किये से अवैध तरीके से भारत लाई जा रही थीं महंगी दवाएं, क्राइम ब्रांच ने लाखों रुपये की दवाएं की बरामद; आरोपी भारत में मेडिकल लाइसेंस परीक्षा पास नहीं कर सका था
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-NCR में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को कथित तौर पर नकली, मिलावटी और प्रतिबंधित दवाएं बेचने वाले एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में डॉ. मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी विदेश से अवैध तरीके से लाई गई महंगी दवाओं को भारत में असली दवाओं के नाम पर ऊंची कीमतों में बेच रहा था। उसके कब्जे से लाखों रुपये मूल्य की दवाएं बरामद की गई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ दवाएं भारत में बिक्री के लिए स्वीकृत नहीं थीं।
🎯 फरीदाबाद में रहता था आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड का रहने वाला है और पिछले कई वर्षों से फरीदाबाद में रह रहा था।
पुलिस का कहना है कि डॉ. मनीष शर्मा ने रूस से MBBS की पढ़ाई की थी, लेकिन वह भारत में मेडिकल लाइसेंस परीक्षा पास नहीं कर सका। इसके बाद उसने फरीदाबाद में एक अस्पताल शुरू किया था। पुलिस के अनुसार अस्पताल में घाटा होने के बाद उसने कथित तौर पर प्रतिबंधित और तस्करी की गई दवाओं के कारोबार का रास्ता अपनाया।
आरोपी ने ‘HK Pharma’ नाम से फर्म बनाई और ‘IndiaMART’ के माध्यम से कैंसर समेत गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की आपूर्ति शुरू की।
🎯 जापान और अमेरिका की कंपनियों के नाम पर बेची जा रही थीं दवाएं
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि बरामद दवाओं में मुख्य रूप से जापान और अमेरिका की कंपनियों से संबंधित दवाएं शामिल थीं, जिन्हें कथित तौर पर तुर्किये में तैयार कर अवैध रास्तों से भारत लाया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इनमें कुछ ऐसी दवाएं भी थीं जिन्हें भारत में बिक्री की मंजूरी नहीं मिली थी। आरोप है कि इन्हें असली दवाओं के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों को ऊंची कीमत पर बेचा जाता था।
मामले की जांच में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में आरोपी के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं और विदेश से दवाओं की तस्करी किस माध्यम से की जाती थी।
🎯 सुखदेव विहार से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक 21 अगस्त को एएसआई राहुल कुमार और हवलदार हनुमान को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति विदेश से अवैध तरीके से कैंसर की प्रतिबंधित दवाएं भारत लाकर बेच रहा है।
इसके बाद एसीपी भगवती प्रसाद और इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सुखदेव विहार स्थित मदर डेयरी बूथ के पास कार्रवाई करते हुए होंडा सिटी कार से पहुंचे डॉ. मनीष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उसकी कार की तलाशी ली तो उसमें कई महंगी दवाएं मिलीं।
🎯 कार से बरामद हुईं महंगी दवाएं
क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी की कार से निम्न दवाएं बरामद की गईं—
- इक्लुसिग (Ponatinib) की चार पैकेट दवाएं।
- Darzalex की दो बॉक्स दवाएं।
- Human Albumin Solution की चार वायल।
पुलिस के अनुसार Ponatinib की अमेरिका में कीमत करीब 17 हजार अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 17 लाख रुपये प्रति बॉक्स बताई गई है। पुलिस का कहना है कि यह दवा भारत में स्वीकृत नहीं है।
वहीं Darzalex की कीमत अधिकृत कंपनी के अनुसार करीब 2.27 लाख रुपये प्रति वायल बताई गई है। Human Albumin Solution की कीमत करीब 5,800 रुपये प्रति बॉक्स बताई गई है।
🎯 कैंसर मरीजों को निशाना बनाने का आरोप
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज अक्सर महंगी दवाओं पर निर्भर होते हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी इसी जरूरत का फायदा उठाकर विदेश से लाई गई दवाओं को भारत में बेच रहा था।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने मरीजों या अस्पतालों तक ऐसी दवाएं पहुंचाई हैं और उसके नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
🎯 कंपनियों के अधिकृत अधिकारियों को जांच में साथ रखा गया
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संबंधित दवा कंपनियों के अधिकृत अधिकारियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया, ताकि बरामद दवाओं की पहचान, उनकी वैधता और वास्तविक कीमत की पुष्टि की जा सके।
पुलिस के अनुसार कुछ दवाएं तुर्किये से तस्करी करके भारत लाई गई थीं, जबकि कुछ दवाओं की वैधता और भारत में बिक्री की अनुमति की भी जांच की जा रही है।
🎯 BNS और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की आगे की कड़ियों की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस विदेश से दवाओं की सप्लाई, भारत में उनके वितरण और इस कारोबार से जुड़े अन्य आरोपितों की पहचान पर है।
🎯 जांच के बाद सामने आएगा पूरा नेटवर्क
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में एक आरोपी की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में महंगी दवाओं की बरामदगी हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ये दवाएं किन माध्यमों से भारत पहुंचीं, इन्हें किन लोगों को बेचा गया और इस अवैध कारोबार से आर्थिक रूप से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की दवाओं से जुड़े इस मामले ने मरीजों को मिलने वाली दवाओं की वैधता और सप्लाई चैन की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
