नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंच रहे हैं। कॉलेज की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह और शिक्षक दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इस दौरान वह छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद भी करेंगे।
प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब देश में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। हाल के Gen-Z आंदोलन और युवा केंद्रित गतिविधियों के बाद छात्रों के बीच प्रधानमंत्री की यह मौजूदगी राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
SRCC में शताब्दी समारोह का आयोजन
SRCC देश के प्रमुख वाणिज्य एवं प्रबंधन संस्थानों में शामिल है। कॉलेज के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे।
कार्यक्रम को लेकर कॉलेज परिसर और नॉर्थ कैंपस में विशेष तैयारियां की गई हैं। छात्रों और शिक्षकों के बीच भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता दिखाई दे रही है।
इस दौरान प्रधानमंत्री युवाओं की शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, तकनीक, नवाचार और देश के भविष्य से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख सकते हैं।
Gen-Z के बीच पहुंच बनाने की कोशिश?
प्रधानमंत्री का छात्रों के बीच यह संवाद केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा। देश में युवा मतदाताओं की बड़ी संख्या और छात्र राजनीति के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक भी इस दौरे पर नजर रख रहे हैं।
हाल के महीनों में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों ने युवाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश की है। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री का सीधे छात्रों के बीच पहुंचना केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ भाजपा की युवा वर्ग के साथ संवाद रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
हालांकि, इस कार्यक्रम को केवल राजनीतिक चश्मे से देखना भी उचित नहीं होगा, क्योंकि यह SRCC के शताब्दी समारोह से जुड़ा आधिकारिक कार्यक्रम भी है।
DU को छात्र राजनीति की नर्सरी क्यों माना जाता है?
दिल्ली विश्वविद्यालय लंबे समय से देश की छात्र राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां होने वाली छात्र राजनीति का प्रभाव कई बार राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श तक दिखाई देता है।
ऐसे में प्रधानमंत्री का DU के प्रमुख कॉलेज में छात्रों के बीच पहुंचना युवाओं के साथ संवाद को एक बड़ा सार्वजनिक मंच देता है।
सरकार की ओर से युवाओं के लिए विकसित भारत 2047, स्टार्टअप, इनोवेशन, डिजिटल इंडिया, रोजगार और नए अवसरों जैसे मुद्दों को लगातार प्रमुखता दी जाती रही है। SRCC जैसे संस्थान में छात्रों के साथ बातचीत इन विषयों को सीधे युवा वर्ग के सामने रखने का अवसर भी देती है।
विपक्ष भी युवाओं पर कर रहा फोकस
युवा मतदाताओं को लेकर विपक्षी दल भी लगातार सक्रिय हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता छात्र और युवा संवाद कार्यक्रमों के जरिए इस वर्ग तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, सामाजिक अवसरों और सरकारी नीतियों जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री का छात्रों के बीच सीधे संवाद करना इस व्यापक राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भी देखा जा रहा है।
युवाओं को लेकर PM मोदी का फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सार्वजनिक संबोधनों में युवाओं को भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताते रहे हैं।
स्टार्टअप और डिजिटल अर्थव्यवस्था से लेकर अंतरिक्ष, खेल और तकनीकी क्षेत्र तक युवाओं की भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री कई मंचों से बात कर चुके हैं।
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में भी उन्होंने देश की युवा शक्ति, नवाचार और नई पीढ़ी की भूमिका पर जोर दिया था।
प्रधानमंत्री का सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से संवाद भी उनकी सार्वजनिक संचार रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
इससे पहले भी DU पहुंचे थे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं।
30 जून 2023 को दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शामिल हुए थे। उस दौरान उन्होंने मेट्रो से यात्रा की थी और छात्रों के साथ बातचीत भी की थी। बाद में DU के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया था।
इस लिहाज से SRCC का शताब्दी कार्यक्रम DU के साथ प्रधानमंत्री के जुड़ाव की एक और महत्वपूर्ण कड़ी है।
SRCC से पुराना है प्रधानमंत्री का जुड़ाव
SRCC से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबंध भी नया नहीं है। वर्ष 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी कॉलेज के एक बिजनेस कॉन्क्लेव में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए थे।
करीब 13 वर्ष बाद प्रधानमंत्री के रूप में उनका SRCC परिसर में पहुंचना कॉलेज के लिए एक और महत्वपूर्ण अवसर है।
क्या छात्रों के सवालों पर होगी सीधी बात?
कार्यक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू प्रधानमंत्री और छात्रों के बीच होने वाला संवाद होगा। युवाओं के सामने आज शिक्षा और रोजगार से लेकर तकनीक, स्टार्टअप, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के अवसरों तक कई सवाल हैं।
ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रधानमंत्री छात्रों से बातचीत के दौरान किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं और युवा वर्ग की आकांक्षाओं को लेकर सरकार की क्या दिशा सामने रखते हैं।
राजनीतिक संदेश से ज्यादा महत्वपूर्ण होगा युवा संवाद
प्रधानमंत्री का SRCC दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब युवा वर्ग देश की राजनीति में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसलिए इस कार्यक्रम से शैक्षणिक और राजनीतिक—दोनों तरह के संदेश निकल सकते हैं।
लेकिन अंतिम रूप से कार्यक्रम का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रधानमंत्री छात्रों से कितनी सीधी बातचीत करते हैं, उनके सवालों पर क्या जवाब देते हैं और युवाओं के सामने भविष्य को लेकर कौन-सा रोडमैप रखते हैं।
SRCC का शताब्दी समारोह इसलिए सिर्फ एक कॉलेज का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की नई पीढ़ी के साथ संवाद का एक बड़ा मंच भी बन गया है।
