वॉशिंगटन: अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने निवेशकों से करोड़ों डॉलर की कथित धोखाधड़ी के मामले में टेक कंपनी के संस्थापक और CEO बर्नहार्ड यूजिन फ्रिट्स के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सजा सुनाए जाने से पहले अमेरिका से फरार हुए फ्रिट्स को FBI ने अपनी Most Wanted Fraudsters सूची में शामिल किया है। एजेंसी ने उसकी जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये तक के इनाम की घोषणा भी की है।
फ्रिट्स पर आरोप है कि उसने अपनी कंपनी की तकनीक और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं को लेकर निवेशकों के सामने कई झूठे दावे किए और उनसे बड़ी रकम जुटाई। अमेरिकी अदालत में दोषी ठहराए जाने के बाद उसे 15 साल की संघीय जेल की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन वह सजा भुगतने से पहले ही अमेरिका से भाग गया।
StarClub Inc. का संस्थापक और CEO था फ्रिट्स
बर्नहार्ड फ्रिट्स कैलिफोर्निया के सांता मोनिका स्थित टेक कंपनी StarClub Inc. का संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी था। कंपनी ने ‘Starsight’ ऐप के जरिए निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, फ्रिट्स ने निवेशकों के सामने यह दावा किया था कि उसकी तकनीक के जरिए सेलिब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स विज्ञापन से कमाई कर सकेंगे। इन दावों और कंपनी की संभावनाओं को लेकर निवेशकों को आकर्षित किया गया।
जांच एजेंसियों और अभियोजन पक्ष का आरोप है कि कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति और कारोबारी प्रदर्शन को लेकर फ्रिट्स ने निवेशकों को गुमराह किया।
डिज्नी जैसी बड़ी कंपनियों के निवेश का किया था दावा
मामले की जांच के दौरान अभियोजकों ने आरोप लगाया कि फ्रिट्स ने निवेशकों को यह विश्वास दिलाया कि डिज्नी जैसी बड़ी मीडिया कंपनियां उसकी कंपनी में निवेश करने वाली हैं।
इसके अलावा उसने वर्ष 2015 में कंपनी को 15 मिलियन डॉलर का मुनाफा होने का भी दावा किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, ये दावे निवेशकों को कंपनी में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करने वाले महत्वपूर्ण कारक बने।
एक निवेशक ने कथित तौर पर लगभग दो वर्षों के दौरान 20 मिलियन डॉलर से अधिक की रकम निवेश कर दी और दूसरे लोगों को भी कंपनी में निवेश के लिए जोड़ा।
मामले में कुल मिलाकर निवेशकों से 2.68 मिलियन डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप सामने आया।
निवेशकों के पैसे से खरीदी लग्जरी कारें और यॉट
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, फ्रिट्स पर सिर्फ झूठे कारोबारी दावे करने का ही आरोप नहीं है, बल्कि निवेशकों से जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर सवाल उठे।
जांच में आरोप सामने आया कि निवेशकों से प्राप्त रकम का एक हिस्सा कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने के बजाय फ्रिट्स की निजी ऐशो-आराम की जिंदगी पर खर्च किया गया।
आरोप है कि उसने मैकलारेन और रोल्स-रॉयस जैसी महंगी कारें खरीदीं। इसके अलावा अपनी यॉट और मालिबू स्थित आलीशान बंगले के नवीनीकरण पर भी पैसा खर्च किया गया।
बाद में FBI ने उसकी यॉट और कारों को जब्त कर लिया था।
अप्रैल 2025 में जूरी ने ठहराया दोषी
इस मामले में अप्रैल 2025 में लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने फ्रिट्स को दोषी करार दिया। इसके बाद अदालत में उसे सजा सुनाई जानी थी।
लेकिन सजा की तारीख आने से पहले ही फ्रिट्स अमेरिका से फरार हो गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वह जून 2025 में अमेरिका से निकलकर मैक्सिको पहुंच गया। इससे अमेरिकी अधिकारियों के लिए उसकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण एक बड़ी चुनौती बन गया।
मैक्सिको में पकड़ा गया, फिर जर्मनी भाग निकला
फ्रिट्स की फरारी यहीं खत्म नहीं हुई। सितंबर 2025 में मैक्सिको के अधिकारियों ने उसे कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़ लिया था।
हालांकि इसके बाद वह मैक्सिको से भी फरार होने में कामयाब रहा। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने 6 अक्टूबर 2025 को जर्मनी के म्यूनिख का रुख किया।
अमेरिकी अधिकारियों के लिए अब चुनौती यह है कि दोषी ठहराए जा चुके फ्रिट्स को विदेश से वापस अमेरिका लाकर उसकी सजा लागू कराई जाए।
गैर-मौजूदगी में सुनाई गई 15 साल की सजा
फ्रिट्स के फरार होने के बाद भी अमेरिकी न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। 20 अक्टूबर 2025 को अदालत ने उसकी गैर-मौजूदगी में उसे 15 साल की संघीय जेल की सजा सुनाई।
इसके साथ ही अदालत ने उसे निवेशकों को 2.68 करोड़ डॉलर से अधिक का मुआवजा देने का आदेश भी दिया।
इस तरह अमेरिकी अदालत के रिकॉर्ड में फ्रिट्स अब दोषी ठहराया जा चुका है और उस पर लंबी संघीय सजा लंबित है, जबकि वह अमेरिका से बाहर फरार है।
फ्रिट्स की महिला साथी ने भी मदद की बात स्वीकार की
मामले में फ्रिट्स की 63 वर्षीय महिला साथी लुसिंडा जेन वीस्ट मानेरा का नाम भी सामने आया।
जून 2026 में उसने अदालत में कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि उसने फ्रिट्स को मैक्सिको में छिपने और वहां से जर्मनी भागने में मदद की थी।
इस घटनाक्रम ने जांच एजेंसियों के लिए मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि इससे फ्रिट्स की अंतरराष्ट्रीय फरारी में सहायता करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
FBI ने शुरू की है Most Wanted Fraudsters List
FBI ने इस वर्ष जून में Most Wanted Fraudsters नाम से अपनी विशेष सूची शुरू की है। इसका उद्देश्य ऐसे आर्थिक अपराधियों और कथित धोखाधड़ी के मामलों में वांछित भगोड़ों को सार्वजनिक रूप से चिन्हित करना है, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हैं।
फ्रिट्स को इसी सूची में शामिल किया गया है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस सूची में अब तक 15 भगोड़ों को शामिल किया जा चुका है। इनमें से कुछ को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
FBI ने फ्रिट्स की गिरफ्तारी में आम लोगों से भी सहयोग मांगा है और उसकी जानकारी देने वाले के लिए इनाम की घोषणा की है।
टेक और निवेश की दुनिया के लिए बड़ा सबक
यह मामला सिर्फ एक टेक CEO की फरारी तक सीमित नहीं है। इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए तकनीकी उत्पाद, बड़ी कंपनियों के संभावित निवेश और कथित मुनाफे को लेकर किए गए दावों की भूमिका भी सामने आती है।
ऐसे मामलों में निवेशकों के लिए कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति, ऑडिट रिकॉर्ड, निवेश संबंधी दावों और कारोबारी साझेदारियों की स्वतंत्र जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
फ्रिट्स के मामले में अमेरिकी अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और अदालत के फैसले के बाद यह मामला अब एक ऐसे आरोपी की तलाश का रूप ले चुका है, जिसे अमेरिका में 15 साल की संघीय सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन जो फिलहाल देश से बाहर है।
मुख्य बातें
- FBI ने बर्नहार्ड यूजिन फ्रिट्स को Most Wanted Fraudsters सूची में शामिल किया।
- वह StarClub Inc. का संस्थापक और CEO था।
- उस पर निवेशकों से 2.68 मिलियन डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी का मामला था।
- अप्रैल 2025 में लॉस एंजिल्स की जूरी ने उसे दोषी ठहराया।
- सजा से पहले वह अमेरिका से मैक्सिको भाग गया।
- मैक्सिको में पकड़े जाने के बाद वह कथित तौर पर जर्मनी पहुंच गया।
- अमेरिकी अदालत ने अक्टूबर 2025 में उसे 15 साल की संघीय जेल की सजा सुनाई।
- अदालत ने 2.68 करोड़ डॉलर से अधिक मुआवजे का आदेश भी दिया।
- FBI उसकी गिरफ्तारी के लिए आम लोगों से सूचना देने की अपील कर रही है।
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