नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए, लेकिन इसी कमजोर बाजार में कुछ छोटे शेयरों ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पांच शेयरों में एक सप्ताह के दौरान करीब 61% से लेकर 75% से अधिक तक की तेजी दर्ज की गई।
इनमें एकेआई इंडिया सबसे आगे रहा, जिसके शेयर में सप्ताह के दौरान 75.42 फीसदी की तेजी आई। इसके अलावा मुक्ता एग्रीकल्चर, श्री केपीआर इंडस्ट्रीज, स्टैंडर्ड सर्फेक्टेंट और नीलाचल कार्बो मेटलिक्स के शेयरों में भी 60 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला।
हालांकि, इन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण अपेक्षाकृत छोटा है और शेयरों में इतनी तेज चाल का मतलब यह नहीं है कि आगे भी इसी तरह का रिटर्न मिलेगा। ऐसे शेयरों में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार, कर्ज, शेयर की तरलता और तेजी के कारणों की स्वतंत्र जांच करना जरूरी है।
बाजार में रही कमजोरी, फिर भी इन शेयरों में जोरदार तेजी
बीते सप्ताह बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 749.08 अंक यानी 0.96 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 277.95 अंक यानी 1.14 प्रतिशत नीचे रहा।
बाजार की इस कमजोरी के बावजूद कुछ छोटे शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। खास बात यह रही कि इन पांचों शेयरों की कीमत अपेक्षाकृत कम थी और कुछ कंपनियों का मार्केट कैप भी काफी छोटा है।
1. एकेआई इंडिया: एक सप्ताह में 75.42% की छलांग
इस सूची में सबसे ज्यादा तेजी एकेआई इंडिया के शेयर में देखने को मिली।
कंपनी का शेयर सप्ताह की शुरुआत में करीब 4.15 रुपये पर था, जो सप्ताह के अंत तक बढ़कर 7.28 रुपये पहुंच गया। इस तरह शेयर में एक सप्ताह के दौरान 75.42 फीसदी की तेजी दर्ज हुई।
शुक्रवार को भी शेयर में करीब 10 फीसदी की बढ़त रही और यह बीएसई पर 7.28 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
इस कीमत के आधार पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 74.57 करोड़ रुपये बताया गया।
2. मुक्ता एग्रीकल्चर: 65% से ज्यादा उछला शेयर
मुक्ता एग्रीकल्चर का शेयर भी बीते सप्ताह निवेशकों के बीच चर्चा में रहा। कंपनी के शेयर ने एक सप्ताह में 65.63 फीसदी की तेजी दर्ज की।
शेयर की कीमत करीब 2.56 रुपये से बढ़कर 4.24 रुपये तक पहुंच गई। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भी इसमें लगभग 19.77 फीसदी की तेजी रही।
4.24 रुपये के भाव पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 9.19 करोड़ रुपये बताया गया।
इतने छोटे मार्केट कैप वाली कंपनी में शेयर का इतनी तेजी से ऊपर जाना निवेशकों के लिए आकर्षक दिख सकता है, लेकिन इसी के साथ जोखिम भी काफी बढ़ जाता है।
3. श्री केपीआर इंडस्ट्रीज: 20.85 रुपये से 34.50 रुपये
श्री केपीआर इंडस्ट्रीज के शेयर में भी बीते सप्ताह जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
कंपनी का शेयर करीब 20.85 रुपये से बढ़कर सप्ताह के अंत में 34.50 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान शेयर में 65.47 फीसदी की तेजी दर्ज हुई।
शुक्रवार को भी शेयर करीब 7.68 फीसदी मजबूत होकर 34.50 रुपये पर बंद हुआ।
इस स्तर पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 69 करोड़ रुपये बताया गया है।
4. स्टैंडर्ड सर्फेक्टेंट: 62 रुपये से बढ़कर 102.11 रुपये
स्टैंडर्ड सर्फेक्टेंट के शेयर में भी बीते सप्ताह 60 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।
शेयर की कीमत सप्ताह के दौरान करीब 62 रुपये से बढ़कर 102.11 रुपये हो गई। यानी निवेशकों को एक सप्ताह में लगभग 64.69 फीसदी का रिटर्न मिला।
शुक्रवार को शेयर में करीब 5 फीसदी की तेजी आई और यह 102.11 रुपये पर बंद हुआ।
इस भाव पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 84.36 करोड़ रुपये बताया गया।
5. नीलाचल कार्बो मेटलिक्स: एक सप्ताह में 61.64% चढ़ा
सूची में पांचवें स्थान पर नीलाचल कार्बो मेटलिक्स रहा।
कंपनी का शेयर सप्ताह के दौरान करीब 85 रुपये से बढ़कर 138.20 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान शेयर में 61.64 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
शुक्रवार को शेयर में करीब 20 फीसदी की तेजी आई और यह 138.20 रुपये पर बंद हुआ।
इस कीमत पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 344.49 करोड़ रुपये बताया गया।
पांचों शेयरों का एक नजर में प्रदर्शन
| कंपनी | सप्ताह की शुरुआत | सप्ताह का अंत | एक सप्ताह की तेजी | मार्केट कैप |
|---|---|---|---|---|
| एकेआई इंडिया | ₹4.15 | ₹7.28 | 75.42% | ₹74.57 करोड़ |
| मुक्ता एग्रीकल्चर | ₹2.56 | ₹4.24 | 65.63% | ₹9.19 करोड़ |
| श्री केपीआर इंडस्ट्रीज | ₹20.85 | ₹34.50 | 65.47% | ₹69 करोड़ |
| स्टैंडर्ड सर्फेक्टेंट | ₹62 | ₹102.11 | 64.69% | ₹84.36 करोड़ |
| नीलाचल कार्बो मेटलिक्स | ₹85 | ₹138.20 | 61.64% | ₹344.49 करोड़ |
कम कीमत वाले शेयरों में तेजी देखकर जल्दबाजी से बचें
इन शेयरों की कीमत कम होने की वजह से कई छोटे निवेशकों को ये आकर्षक लग सकते हैं। लेकिन कम शेयर कीमत का मतलब यह नहीं होता कि शेयर सस्ता या undervalued है।
किसी कंपनी का मूल्यांकन उसके कारोबार, मुनाफे, कर्ज, नकदी प्रवाह, भविष्य की संभावनाओं और कुल शेयरों की संख्या समेत कई कारकों से होता है।
विशेष रूप से कम मार्केट कैप वाली कंपनियों के शेयरों में कीमत में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कम ट्रेडिंग वॉल्यूम की स्थिति में खरीद-बिक्री भी मुश्किल हो सकती है।
तेज रिटर्न के पीछे कारण जानना जरूरी
एक सप्ताह में 60-75 फीसदी की तेजी सामान्य बाजार चाल से काफी अलग होती है। इसलिए ऐसे शेयरों में तेजी देखकर केवल पिछले रिटर्न के आधार पर फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
निवेशकों को यह देखना चाहिए कि शेयर में तेजी के पीछे:
- कंपनी से जुड़ी कोई बड़ी घोषणा हुई है या नहीं,
- तिमाही या वार्षिक वित्तीय नतीजे कैसे रहे हैं,
- कंपनी के कारोबार में वास्तविक सुधार हुआ है या नहीं,
- कर्ज की स्थिति कैसी है,
- प्रमोटर होल्डिंग और शेयर गिरवी रखने की स्थिति क्या है,
- ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक बदलाव क्यों आया,
- और कंपनी से संबंधित कोई नियामकीय या अन्य महत्वपूर्ण अपडेट तो नहीं है।
75% रिटर्न का मतलब भविष्य में भी 75% रिटर्न नहीं
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले सप्ताह का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है।
जिस शेयर में कुछ दिनों में 60-75 फीसदी की तेजी आ सकती है, उसमें उतनी ही तेजी से गिरावट का जोखिम भी हो सकता है। इसलिए केवल शेयर की कम कीमत या हालिया उछाल देखकर निवेश करना उचित नहीं माना जाता।
यह खबर केवल बाजार में बीते सप्ताह की तेजी वाले शेयरों की जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे किसी शेयर को खरीदने या बेचने की निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
कमजोर बाजार के बीच इन पांच छोटे शेयरों में आई तेज उछाल ने जरूर निवेशकों का ध्यान खींचा है। एकेआई इंडिया 75.42 फीसदी की तेजी के साथ सबसे आगे रहा, जबकि बाकी चार शेयरों ने भी 60 फीसदी से अधिक का साप्ताहिक रिटर्न दिया।
लेकिन इन कंपनियों में निवेश का फैसला करने से पहले तेजी के वास्तविक कारण और कंपनी की वित्तीय स्थिति की जांच करना बेहद जरूरी है। शेयर बाजार में तेज रिटर्न के साथ तेज जोखिम भी जुड़ा होता है।
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