नई दिल्ली (Action Bharat) | राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियां तेज हैं, लेकिन इसी बीच मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। भारत मंडपम में आयोजित होने वाले सम्मेलन के दौरान दिल्ली में बारिश की संभावना जताई गई है। अगर बारिश तेज हुई या लंबे समय तक जारी रही तो वीआईपी मेहमानों की आवाजाही, यातायात व्यवस्था और सम्मेलन स्थल के आसपास की व्यवस्थाओं पर इसका असर पड़ सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार, 11 और 12 सितंबर के आसपास उत्तरी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से मौसम में बदलाव हो सकता है और इसका असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचने की संभावना है।
12-13 सितंबर को बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सम्मेलन के दोनों दिन बारिश होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को मौसम के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देना पड़ सकता है।
ब्रिक्स सम्मेलन में देश-विदेश से महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों और मेहमानों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में एयरपोर्ट, होटल, भारत मंडपम और सम्मेलन से जुड़े प्रमुख मार्गों के बीच वीआईपी मूवमेंट के दौरान बारिश अतिरिक्त चुनौती पैदा कर सकती है।
भारत मंडपम के आसपास बढ़ेंगी चुनौतियां
सम्मेलन स्थल भारत मंडपम और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर पहले से सुरक्षा एवं यातायात संबंधी तैयारियां चल रही हैं। बारिश की स्थिति में इन व्यवस्थाओं में मौसम को भी शामिल करना होगा।
खास तौर पर सड़कों पर पानी जमा होने, ट्रैफिक की गति धीमी होने और कुछ मार्गों पर जाम की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को वैकल्पिक यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान देना पड़ सकता है।
जलभराव से निपटने की भी चुनौती
दिल्ली में बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की समस्या सामने आती रही है। ऐसे में सम्मेलन के दौरान यदि बारिश होती है तो जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों की पहले से पहचान और वहां त्वरित निकासी व्यवस्था महत्वपूर्ण हो सकती है।
प्रशासन के लिए चुनौती इसलिए भी बड़ी होगी क्योंकि सम्मेलन के दौरान सामान्य यातायात के साथ-साथ सुरक्षा कारणों से नियंत्रित वीआईपी आवाजाही भी रहेगी।
स्काईमेट ने भी जताई मौसम बदलने की संभावना
मौसम विशेषज्ञ संस्था स्काईमेट वेदर ने भी 12 और 13 सितंबर के आसपास दिल्ली के मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। हालांकि, बारिश कितनी व्यापक होगी और उसकी तीव्रता कितनी रहेगी, इसका स्पष्ट आकलन आने वाले दिनों में मौसम संबंधी नए पूर्वानुमानों के आधार पर ही हो सकेगा।
इसलिए अभी इसे भारी बारिश का निश्चित अलर्ट मानने के बजाय बारिश की संभावित स्थिति को लेकर मौसम संबंधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
सम्मेलन की तैयारियों के बीच मौसम पर रहेगी नजर
ब्रिक्स सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान मौसम की स्थिति प्रशासन के लिए अहम होगी। सुरक्षा, यातायात और मेहमानों की आवाजाही के साथ-साथ बारिश और संभावित जलभराव से निपटने की तैयारियां भी महत्वपूर्ण हो जाएंगी।
आने वाले दिनों में IMD के पूर्वानुमान से यह तस्वीर और साफ होगी कि 12-13 सितंबर को दिल्ली में बारिश कितनी प्रभावी रह सकती है और इसका ब्रिक्स सम्मेलन की व्यवस्थाओं पर वास्तविक असर कितना होगा।
