पटना (Action Bharat) | बिहार में मानसून की सक्रियता और लगातार बढ़ते नदी जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। राज्य के 13 जिलों के 79 प्रखंडों की 480 ग्राम पंचायतों में करीब 34.31 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। गंगा समेत कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। वहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश का अनुमान जताया है, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।
13 जिलों में 34 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बिहार के पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
इन जिलों में बड़ी संख्या में गांव और पंचायतें बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित आबादी तक भोजन, राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
गंगा ने पार किया अपना पिछला सर्वोच्च जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया, जो वहां दर्ज पिछले सर्वोच्च जलस्तर (HFL) 36.75 मीटर से ऊपर है। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल नदी का जलस्तर स्थिर रहने की प्रवृत्ति में है।
इसके अलावा गंगा के दीघा, गांधी घाट, हाथीदह और मुंगेर सहित कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है।
गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां भी अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
432 सामुदायिक रसोई से मिल रहा भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य में 432 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक 9.41 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
इसके अलावा 14 राहत शिविरों में 12,294 लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
राहत सामग्री और पशुचारे का भी वितरण
प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री का वितरण जारी है। अब तक करीब 1.29 लाख पॉलीथीन शीट और 22,900 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी 3,142 क्विंटल पशुचारा उपलब्ध कराया गया है, ताकि लोगों के साथ-साथ पशुधन को भी राहत मिल सके।
1,832 नावें और NDRF-SDRF की टीमें तैनात
बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में आवागमन और राहत कार्य के लिए 1,832 नावें तैनात की गई हैं।
वहीं आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत-बचाव अभियान के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।
बराजों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
8 सितंबर को सुबह 10 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न बराजों से पानी का बहाव भी काफी अधिक रहा।
- गंडक बराज: 1,04,400 क्यूसेक
- कोसी बराज: 1,69,985 क्यूसेक
- इंद्रपुरी बराज (सोन नदी): 1,04,758 क्यूसेक
इन आंकड़ों के बीच नदी किनारे और निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है।
अगले दो दिन बारिश ने बढ़ाई चिंता
मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान बिहार के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।
ऐसे में पहले से बाढ़ की मार झेल रहे इलाकों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है। प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी है और राहत-बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखने पर जोर दिया है।
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