‘BRICS से भारत को कोई फायदा नहीं’, चिदंबरम के बयान पर BJP का पलटवार; पूछा- ‘कांग्रेस ने क्या किया?’

राजनीति

नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली में प्रस्तावित BRICS समिट 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने हाल के BRICS सम्मेलनों से भारत को हुए ठोस लाभ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन BRICS सम्मेलनों से उन्हें कोई खास ठोस नतीजा या फायदा नजर नहीं आया।

चिदंबरम ने BRICS के साथ-साथ शंघाई सहयोग संगठन (SCO), G20 और क्वाड जैसे बहुपक्षीय समूहों में भारत की भागीदारी का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि इन संगठनों से देश को वास्तविक रूप से क्या फायदा मिल रहा है। उनके बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की कूटनीतिक समझ पर सवाल खड़े किए हैं।

चिदंबरम ने BRICS के फायदे पर उठाया सवाल

चिदंबरम ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पिछले दो-तीन BRICS सम्मेलनों से भारत को कोई ठोस फायदा या परिणाम मिला है।

उन्होंने कहा कि पहले BRICS सम्मेलनों से कुछ ठोस फायदे होते थे, लेकिन हाल की बैठकों से उन्हें ऐसा कोई परिणाम दिखाई नहीं देता।

BRICS, SCO, G20 और क्वाड का किया जिक्र

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत BRICS के अलावा SCO, G20 और क्वाड जैसे कई महत्वपूर्ण बहुपक्षीय समूहों का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन सभी मंचों में भारत की भागीदारी से देश को आखिर क्या ठोस लाभ मिल रहा है।

चिदंबरम के मुताबिक, पिछली दो-तीन बैठकों के आधार पर उन्हें इनसे कोई खास फायदा नजर नहीं आया।

BJP ने कांग्रेस की कूटनीति पर उठाए सवाल

चिदंबरम के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेता नलिन कोहली ने कांग्रेस की कूटनीति की समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि चिदंबरम के बयान से यह सवाल पैदा होता है कि कांग्रेस कूटनीति को किस नजरिए से देखती है।

उन्होंने कांग्रेस के पूर्व कार्यकाल का जिक्र करते हुए पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर पार्टी के रुख पर भी सवाल उठाया।

‘क्या कूटनीति को सिर्फ लेन-देन के नजरिए से देखते हैं?’

नलिन कोहली ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस कूटनीति को केवल लेन-देन के नजरिए से देखती है और इसी वजह से वह हर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से ‘ठोस फायदे’ की बात कर रही है।

उन्होंने कांग्रेस पर एक बड़े और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।

BRICS समिट के बीच आया राजनीतिक बयान

चिदंबरम की टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब राजधानी दिल्ली में BRICS समिट 2026 की तैयारियां चल रही हैं। सम्मेलन को लेकर विभिन्न नागरिक और इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियां अपने स्तर पर तैयारियों में जुटी हैं।

भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में BRICS समिट की मेजबानी करेगा। ऐसे में सम्मेलन से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच इसके महत्व और भारत को मिलने वाले संभावित लाभ को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।

BRICS को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

एक तरफ चिदंबरम ने पिछले सम्मेलनों से भारत को मिले ठोस परिणामों पर सवाल उठाया है, वहीं भाजपा ने इसे भारत की विदेश नीति और बहुपक्षीय कूटनीति की व्यापक भूमिका से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।

अब BRICS समिट के दौरान होने वाली बैठकों और संभावित फैसलों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर रहेगी।

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