दलीप ट्रॉफी जीतने के बाद ईशान किशन का सेलेक्टर्स को करारा जवाब, बोले- ‘मैं एक अच्छा कप्तान हूं’

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नई दिल्ली (Action Bharat) | भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर होने के बाद शानदार वापसी कर रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 में अपनी कप्तानी से ईस्ट जोन को चैंपियन बना दिया। खिताब जीतने के बाद किशन ने अपने मुश्किल दौर, वापसी की रणनीति और कप्तानी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह एक अच्छे कप्तान हैं, लेकिन सुधार की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती।

ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन बना चैंपियन

दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच मुकाबला खेला गया। एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुआ यह मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया।

ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई। पहली पारी की बढ़त ने ईस्ट जोन को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

कप्तान ईशान किशन ने बनाए 270 रन

फाइनल में ईशान किशन ने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया। उनकी 270 रन की बड़ी पारी की बदौलत ईस्ट जोन पहली पारी में 708 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचा।

इसके बाद साउथ जोन पहली पारी में 336 रन ही बना सकी। दूसरी पारी में ईस्ट जोन ने सात विकेट पर 388 रन बनाए और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहली पारी की बढ़त के कारण ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का विजेता घोषित किया गया।

‘मैं एक अच्छा कप्तान हूं’, ईशान किशन का बयान

ट्रॉफी जीतने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में ईशान किशन ने अपनी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम ने एक ग्रुप के तौर पर ट्रॉफी जीती और सभी खिलाड़ी एक-दूसरे का ख्याल रख रहे थे।

किशन ने खुद को एक अच्छा कप्तान बताते हुए यह भी कहा कि सफर यहीं खत्म नहीं होता। उनके मुताबिक टीम को हर विभाग में लगातार बेहतर होने की जरूरत है, चाहे वह फील्डिंग हो या खेल के दूसरे हिस्से।

टीम इंडिया से बाहर होने के बाद शांत रहना बना वापसी का मंत्र

ईशान किशन ने उस मुश्किल दौर के बारे में भी बताया, जब वह भारतीय टीम से बाहर हो गए थे। उन्होंने कहा कि ब्रेक के बाद उन्होंने खुद को शांत रखने और खेल पर ज्यादा ध्यान देने की कोशिश की।

उनका जोर अपने खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लगातार सुधार करने पर रहा। किशन ने कहा कि खिलाड़ियों को एक-दूसरे का ख्याल रखना चाहिए, ताकि कोई खिलाड़ी उस स्थिति में न पहुंचे, जिस स्थिति से वह खुद गुजर चुके हैं।

पहले झारखंड को दिलाई सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी

ईशान किशन की घरेलू क्रिकेट में वापसी का असर लगातार देखने को मिल रहा है। उन्होंने पहले झारखंड को सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी का चैंपियन बनाया और अब ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का खिताब दिलाया है।

लगातार अच्छे प्रदर्शन और कप्तानी के जरिए किशन ने खुद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

किशन के लिए मुश्किल दौर के बाद बड़ी वापसी

एक समय ईशान किशन भारतीय टीम की योजनाओं से बाहर हो गए थे। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन पर ध्यान दिया और अब लगातार दो बड़ी घरेलू ट्रॉफियों में अपनी टीमों को सफलता दिलाई है।

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में उनकी 270 रन की पारी और कप्तानी ने इस वापसी को और खास बना दिया। हालांकि भारतीय टीम में उनकी वापसी को लेकर अंतिम फैसला चयनकर्ताओं पर निर्भर करेगा।

ईस्ट जोन ने पहली पारी की बढ़त से जीता खिताब

फाइनल में ईस्ट जोन की पहली पारी 708 रन पर समाप्त हुई, जबकि साउथ जोन 336 रन ही बना सका। ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 388 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया।

चूंकि ईस्ट जोन को पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल थी, इसलिए उसे दलीप ट्रॉफी 2026 का विजेता घोषित किया गया।

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