नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर पार्कों का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देशों के बाद MCD के सामने पार्कों में सुरक्षा गार्ड और अन्य कर्मचारियों की तैनाती को लेकर बड़ा वित्तीय संकट सामने आया है। निगम के आकलन के अनुसार, पार्कों में पर्याप्त मानवबल उपलब्ध कराने के लिए सालाना करीब 700 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड की जरूरत पड़ सकती है।
15 हजार पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुनौती
MCD के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में करीब 15,000 पार्क हैं। बड़े पार्कों को लगभग 16 घंटे तक खोला जाता है। ऐसे में दो शिफ्ट में व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।
अधिकारियों के आकलन के मुताबिक, यदि प्रत्येक पार्क में दो शिफ्ट के लिए दो-दो माली की व्यवस्था की जाए तो करीब 30,000 मालियों की जरूरत होगी। इसके लिए लगभग 700 करोड़ रुपये सालाना अतिरिक्त फंड की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है।
पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा निगम
पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती ऐसे समय में सामने आई है जब MCD पहले से ही पार्कों की मरम्मत, रखरखाव और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
निगम की बैठकों में पार्कों की चारदीवारी के लिए भी पर्याप्त फंड नहीं होने का मुद्दा उठता रहा है। इसके अलावा पार्कों को हरा-भरा रखने के लिए पर्याप्त संख्या में माली उपलब्ध नहीं हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, MCD ने करीब 3,000 माली आउटसोर्स किए हुए हैं और मौजूदा व्यवस्था में भी मानवबल जुटाना चुनौतीपूर्ण है।
केवल कुछ पार्कों में ही चौकीदार
MCD अधिकारियों के अनुसार, निगम मुख्य रूप से उन्हीं पार्कों में चौकीदार तैनात कर पाता है जहां उसके स्टोर मौजूद हैं।
ऐसे करीब 200 पार्क बताए गए हैं जहां चौकीदार की व्यवस्था की जाती है। बाकी बड़ी संख्या में पार्कों में नियमित चौकीदार उपलब्ध नहीं हैं।
इस स्थिति में सभी पार्कों में सुरक्षा गार्ड तैनात करना निगम के लिए वित्तीय और मानवबल दोनों स्तरों पर बड़ी चुनौती बन सकता है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
पार्कों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए जाने के बाद MCD ने यह आकलन शुरू किया है कि यदि पार्कों में सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता बढ़ाई जाती है तो इसके लिए कितने संसाधनों की जरूरत होगी।
यानी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत और उपलब्ध बजट व कर्मचारियों के बीच बड़ा अंतर सामने आ रहा है।
MCD के स्कूल और अस्पताल भी प्रभावित
मानवबल की कमी केवल पार्कों तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार MCD के स्कूलों और अस्पतालों में भी चौकीदारों की कमी है।
MCD की करीब 1,100 इमारतों में लगभग 1,500 स्कूल संचालित होते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूल चलने के दौरान भी कई जगहों पर गार्ड उपलब्ध नहीं होते और ऐसे में शिक्षक तथा अन्य कर्मचारी ही गेट खोलने का काम करते हैं।
700 करोड़ रुपये का सवाल
पार्कों में सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सामने आए आंकड़े MCD के सामने वित्तीय प्राथमिकताओं की चुनौती को दिखाते हैं।
- करीब 15,000 पार्क
- लगभग 30,000 माली की जरूरत का अनुमान
- करीब 700 करोड़ रुपये सालाना अतिरिक्त फंड की आवश्यकता
- करीब 3,000 माली पहले से आउटसोर्स
- लगभग 200 पार्कों में चौकीदार उपलब्ध होने की बात
- MCD के स्कूलों और अस्पतालों में भी सुरक्षा कर्मचारियों की कमी
आगे क्या?
महिला सुरक्षा के मद्देनजर पार्कों का सुरक्षा ऑडिट होने के बाद जरूरतों का आकलन महत्वपूर्ण होगा। इसके आधार पर यह तय करना होगा कि किन पार्कों में सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता सबसे अधिक है और उसके लिए कितना अतिरिक्त बजट चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में 700 करोड़ रुपये की राशि एक अनुमानित अतिरिक्त आवश्यकता के रूप में बताई गई है; इसे MCD द्वारा स्वीकृत या अंतिम बजट आवंटन नहीं बताया गया है।
Action Bharat | Delhi Desk
