यूरोपीय समकक्षों से मिले विदेश मंत्री एस. जयशंकर, आर्थिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

राष्ट्रीय

नई दिल्ली (Action Bharat) | संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कई यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों के दौरान वैश्विक परिस्थितियों, आर्थिक सहयोग, भारत और यूरोपीय देशों के बीच संबंधों तथा आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात

विदेश मंत्री जयशंकर ने नीदरलैंड्स के विदेश मंत्री टाम बेरेनडसेन के साथ बैठक की। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। बैठक में भारत और नीदरलैंड्स के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई में हुई हेग यात्रा पर भी चर्चा की गई।

जयशंकर ने इसके अलावा स्लोवेनिया और फिनलैंड के अपने समकक्षों से भी अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में भारत के इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों और यूरोपीय संघ के साथ सहयोग को लेकर चर्चा हुई।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत के द्विपक्षीय संबंध और यूरोपीय संघ के साथ सहयोग मजबूत बने हुए हैं। दोनों पक्षों के बीच आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत हुई।

भारत-ईयू सहयोग पर भी चर्चा

भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी बातचीत का महत्व है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, भारत और यूरोपीय संघ ने जनवरी में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर औपचारिक घोषणा की थी।

ऐसे में जयशंकर की यूरोपीय समकक्षों के साथ बैठकों में आर्थिक सहयोग और भारत-ईयू संबंधों से जुड़े विषयों पर चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि उपलब्ध स्रोत में इन बैठकों के दौरान किसी नए समझौते या विशेष आर्थिक फैसले का विवरण नहीं दिया गया है।

प्रशांत और कैरेबियाई देशों के साथ भी बैठकें

विदेश मंत्री जयशंकर की कूटनीतिक बैठकों का दायरा केवल यूरोपीय देशों तक सीमित नहीं रहा। गुरुवार को उन्होंने प्रशांत क्षेत्र के कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं।

इन बैठकों में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही संबंधित देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

जयशंकर ने कैरेबियाई देशों के विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात की। इन बैठकों में आपसी संबंधों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान सक्रिय कूटनीतिक संपर्क

संयुक्त राष्ट्र महासभा का वार्षिक सत्र दुनिया के विभिन्न देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच है। इसी दौरान जयशंकर की विभिन्न देशों के समकक्षों के साथ लगातार बैठकें हुईं।

इन बैठकों में भारत की प्राथमिकताओं के साथ-साथ वैश्विक घटनाक्रम और विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यूरोपीय देशों के अलावा प्रशांत और कैरेबियाई क्षेत्र के देशों के साथ भी भारत ने संवाद जारी रखा।

विदेश मंत्री की इन बैठकों से यह स्पष्ट है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत विभिन्न क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सीधे संवाद और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

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