नई दिल्ली (Action Bharat) | मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद तेज है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को लोकसभा में राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेताओं पर निशाना साधा।
नड्डा ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि “किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता।” उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। ये नड्डा के राजनीतिक आरोप हैं।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके प्रभाव को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी आपत्तियां उठाई हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR सहित उसके फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति और मंजूरी से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि प्रक्रिया के ड्राफ्ट स्तर पर सुझाव या सवाल उठना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
चुनाव आयोग की स्थिति
ECI की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 और मतदाता सेवाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध है। आयोग मतदाता सूची में नाम खोजने और अन्य चुनावी सेवाओं के लिए अपना Voter Services Portal भी संचालित करता है।
इस विवाद के बीच कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई है।
फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया और निर्णयों को लेकर अपना पक्ष रख चुका है।
Action Bharat | चुनाव आयोग और SIR विवाद पर विशेष रिपोर्ट
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