नई दिल्ली, Action Bharat | सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की है। राजभर ने अपनी पोस्ट में सपा नेता शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव का जिक्र करते हुए पार्टी के अंदर उनकी स्थिति पर सवाल उठाए।
राजभर ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए दावा किया कि शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव को सपा कार्यालय में प्रवेश के लिए अखिलेश यादव की अनुमति की जरूरत पड़ती है। यह दावा राजभर की राजनीतिक टिप्पणी का हिस्सा है।
‘हरी झंडी मिलेगी तभी एंट्री’
ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सपा कार्यालय में शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव को प्रवेश के लिए अखिलेश यादव की अनुमति की जरूरत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अनुमति मिलने पर ही उन्हें पार्टी कार्यालय में प्रवेश मिलेगा।
राजभर ने इस टिप्पणी के जरिए सपा के भीतर परिवार के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर सवाल उठाया।
शिवपाल यादव के योगदान का किया जिक्र
राजभर ने शिवपाल यादव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी के संगठन को खड़ा करने में लंबा समय लगाया है। उन्होंने सवाल किया कि जिस नेता ने पार्टी संगठन के निर्माण में वर्षों तक काम किया, उन्हें पार्टी कार्यालय जाने के लिए अनुमति की जरूरत क्यों पड़ रही है।
राजभर ने यह भी कहा कि शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी के गठन और संगठन में शिवपाल यादव के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
धर्मेंद्र यादव को लेकर भी टिप्पणी
अपनी पोस्ट में ओमप्रकाश राजभर ने धर्मेंद्र यादव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के वरिष्ठ नेताओं के साथ ऐसी स्थिति है तो इससे पार्टी के अन्य नेताओं की स्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं।
राजभर ने अपनी टिप्पणी के अंत में कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन शिवपाल यादव का पार्टी के निर्माण में योगदान रहा है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘मान-सम्मान’ का भी उल्लेख किया।
राजभर ने अखिलेश को लेकर अन्य मुद्दों पर भी दी प्रतिक्रिया
ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को अखिलेश यादव से जुड़े अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी बयान दिए। इनमें 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का मामला, अयोध्या में भगवान राम के दर्शन से जुड़ा अखिलेश यादव का बयान और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इन बयानों के दौरान राजभर ने अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय और आरोप रखे। उनके कई दावे राजनीतिक रूप से विवादित हैं और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
