फ्लाईदुबई विमान घटना: इजरायल समेत कई देश जांच में जुटे, को-पायलट के मकसद पर सस्पेंस

विदेश

चंडीगढ़ (Action Bharat) | दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में हुई घटना की जांच इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका और ओमान सहित कई देशों की एजेंसियां कर रही हैं। ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर विमान के कैप्टन पर हमला किया था। हालांकि, हमले के पीछे उसका मकसद और किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका अब तक स्पष्ट नहीं हुई है।

इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी अरब की एजेंसियां को-पायलट से पूछताछ कर रही हैं। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच में आतंकवादी उद्देश्य से लेकर अन्य संभावित कारणों तक सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।

नेतन्याहू का दावा, जांच एजेंसियां जुटा रहीं सबूत

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि को-पायलट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रेरित था और संभवतः विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

एक क्षेत्रीय इजरायली अधिकारी के अनुसार, इजरायल की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां जांच में सहयोग कर रही हैं। मोसाद और शिन बेट की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। इजरायल ने को-पायलट को पूछताछ के लिए अपने यहां भेजने का अनुरोध किया है, लेकिन सऊदी अरब और इजरायल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं होने के कारण इस मांग पर अनिश्चितता बनी हुई है।

यूएई ने भी शुरू की जांच

यूएई सरकार ने अपनी जांच टीम गठित कर घटना की पड़ताल शुरू करने की जानकारी दी है। यूएई के अनुसार, विमान उसके यहां पंजीकृत है, इसलिए घटना की जांच में अमीराती अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की जांच पूरी होने के बाद को-पायलट को आगे की जांच के लिए यूएई के अधिकारियों को सौंपा जा सकता है। इजरायल के शुरुआती आकलन में को-पायलट के अकेले काम करने की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

ईरान की भूमिका पर अभी निष्कर्ष नहीं

नेतन्याहू से जब पूछा गया कि क्या घटना में ईरान की कोई भूमिका हो सकती है, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने यह पता लगाने की बात कही कि हमलावर के कोई सहयोगी थे या नहीं और क्या किसी बाहरी पक्ष की भूमिका थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घटना पर नेतन्याहू से बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि को-पायलट के आतंकी होने या मानसिक रूप से अस्थिर होने की संभावना हो सकती है।

इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान ‘मेडे’ कॉल

रिपोर्ट के अनुसार, आपातकालीन लैंडिंग के लिए विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। एक व्यक्ति के मुताबिक, सऊदी अरब और जॉर्डन ने शुरुआत में विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी थी। बाद में विमान सऊदी अरब के तबुक में उतरा।

कॉकपिट से पायलट ने ‘मेडे’ कॉल करते हुए विमान के हाईजैक होने की सूचना दी थी। फ्लाईदुबई ने इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की है। वहीं, नेतन्याहू ने दुबई में फंसे लोगों को वापस लाने की योजना का भी उल्लेख किया।

इजरायल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, विमान में अधिकांश यात्री इजरायली थे। इसके अलावा भारत और यूएई के नागरिक भी सवार थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि चार यात्रियों के पास अमेरिकी नागरिकता थी।

जांच एजेंसियां अब हमले के मकसद, संभावित सहयोगियों और घटना के पीछे किसी बाहरी भूमिका की पुष्टि के लिए तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं।

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