नई दिल्ली (Action Bharat) | केरल में मलप्पुरम जिले को लेकर दिए गए एक कथित बयान पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने CPI(M) नेता पी. नंदकुमार की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए पार्टी पर सांप्रदायिक राजनीति को परोक्ष रूप से बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
पिनाराई विजयन की चुप्पी पर उठाए सवाल
सतीसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि नंदकुमार की टिप्पणी में मलप्पुरम के लोगों को कट्टरपंथी बताना अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मौजूदगी में दिया गया, लेकिन उन्होंने इस पर आपत्ति नहीं जताई।
सतीसन के मुताबिक, विजयन की चुप्पी से ऐसा संदेश जाता है कि CPI(M) इस तरह की टिप्पणियों को परोक्ष समर्थन दे रही है। उन्होंने कहा कि मलप्पुरम और कुछ समुदायों को निशाना बनाने वाले बयान एक बड़े राजनीतिक सिलसिले का हिस्सा हैं।
‘डॉग-व्हिसल पॉलिटिक्स’ का लगाया आरोप
सतीसन ने CPI(M) पर ‘डॉग-व्हिसल पॉलिटिक्स’ करने का आरोप लगाया। इस शब्द का इस्तेमाल ऐसी राजनीति के लिए किया जाता है, जिसमें सीधे तौर पर कुछ कहे बिना इशारों के जरिए किसी खास समूह को संदेश दिया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि CPI(M) की रणनीति ध्रुवीकरण की राजनीति जैसी है। सतीसन ने पिनाराई विजयन और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
बिना शर्त माफी की मांग
सतीसन ने CPI(M) और पी. नंदकुमार, दोनों से केरल की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व को इस विवाद पर चुप्पी तोड़नी चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस तरह की टिप्पणियों से सहमत है या नहीं।
शिकायतों के बाद जांच की तैयारी
विवाद की शुरुआत शनिवार को मलप्पुरम में CPI(M) की जिला समिति की विस्तारित बैठक के दौरान हुई। खबर के मुताबिक, बैठक में स्वागत भाषण देते हुए नंदकुमार ने जिले को लेकर कथित टिप्पणी की थी। बैठक में पिनाराई विजयन समेत वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद थे।
इसके बाद मुस्लिम यूथ लीग के कार्यकर्ताओं ने पोन्नानी पुलिस स्टेशन और संबंधित पुलिस अधिकारी के पास शिकायतें दर्ज कराईं। पुलिस के अनुसार, अन्य संगठनों की ओर से भी शिकायतें मिली हैं। वीडियो फुटेज की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने किया मलप्पुरम का बचाव
इस बीच थावनूर के विधायक वीएस जॉय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मलप्पुरम का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मलप्पुरम कोई ‘घोंसला’ नहीं, बल्कि धर्मनिरपेक्ष सोच वाले लोगों द्वारा मिलकर बनाया गया ‘रत्नों का महल’ है।
फिलहाल, इस बयान को लेकर केरल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। पुलिस शिकायतों और वीडियो फुटेज की जांच के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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