नई दिल्ली (Action Bharat) | समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की एक टिप्पणी के बाद राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और पिछड़े वर्गों के स्वाभिमान को राजनीतिक मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम शुरू किया है। खबर के मुताबिक, भाजपा और रालोद मिलकर इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। खास तौर पर जाट बहुल 136 सीटों पर गठबंधन की नजर है।
अखिलेश की टिप्पणी से गरमाई सियासत
अगस्त में लखनऊ के एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए जयंत चौधरी पर तंज कसते हुए कहा था, “जाने कहां-कहां से आ गए थे गठबंधन वाले। हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, तब भी हमें छोड़ के चले गए।”
इस बयान को जाट, किसान और पिछड़े वर्गों के स्वाभिमान से जोड़कर देखा गया। रालोद नेताओं का कहना है कि इस टिप्पणी से चौधरी चरण सिंह को आदर्श मानने वाले कई लोग आहत हुए हैं।
पश्चिमी यूपी की 136 सीटों पर रणनीति
रालोद संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष केसी त्यागी के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटों के साथ गुर्जर, सैनी, पाल, कुम्हार, कश्यप और लोधी जैसे समुदाय भी राजनीतिक रूप से अहम हैं। उनका दावा है कि इन वर्गों का समर्थन भाजपा और रालोद के गठबंधन को मजबूत कर सकता है।
किसान आंदोलन के दौरान पश्चिमी यूपी में भाजपा को जाटों और किसानों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। ऐसे में रालोद के साथ गठबंधन को इस क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
केसी त्यागी ने अखिलेश की टिप्पणी को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
केसी त्यागी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक गुरु चौधरी चरण सिंह थे और मुलायम सिंह हमेशा उनका सम्मान करते थे। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण थी और इससे जाट, किसान तथा पिछड़ा वर्ग के वे लोग आहत हुए हैं जो चौधरी चरण सिंह को अपना आदर्श मानते हैं।
त्यागी ने यह भी दावा किया कि सपा के पीडीए में शामिल पिछड़ी जातियों का प्रभाव मुख्य रूप से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में है, जबकि पश्चिमी यूपी में रालोद-भाजपा गठबंधन को मजबूत सामाजिक आधार मिल सकता है।
23 दिसंबर को नूरपुर में कार्यक्रम की तैयारी
रालोद नेता के अनुसार, 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर हापुड़ स्थित उनके पैतृक गांव नूरपुर में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया है। खबर में बताया गया है कि प्रधानमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
इसी दिन हापुड़ के सिंभावली में जनसभा भी प्रस्तावित है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जयंत चौधरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट, किसान और पिछड़े वर्गों के बीच राजनीतिक समर्थन जुटाने की यह कोशिश आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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