नई दिल्ली (Action Bharat) | IIT दिल्ली के वैज्ञानिकों ने भविष्य के सुरक्षित संचार नेटवर्क की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं ने एक ही ऑप्टिकल फाइबर के जरिए क्वांटम और सामान्य टेलीकॉम डेटा को एक साथ भेजने का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण 50 किलोमीटर लंबे ऑप्टिकल फाइबर पर किया गया।
इस उपलब्धि की खास बात यह है कि क्वांटम संचार के लिए अलग से फाइबर नेटवर्क बिछाने की आवश्यकता को कम किया जा सकता है। मौजूदा टेलीकॉम फाइबर नेटवर्क का इस्तेमाल भविष्य में सुरक्षित क्वांटम कम्युनिकेशन के लिए भी किया जा सकता है।
यह शोध IIT दिल्ली के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर भास्कर कांसेरी के नेतृत्व में हुआ। इसमें पीएचडी शोधार्थी निशांत कुमार पाठक और अभय सिंह ने भी योगदान दिया।
शोधकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्वांटम सिग्नल की बेहद कमजोर प्रकृति थी। सामान्य इंटरनेट और टेलीकॉम नेटवर्क में अपेक्षाकृत शक्तिशाली सिग्नल चलते हैं, जबकि क्वांटम संचार में बेहद कमजोर सिग्नल का इस्तेमाल होता है। दोनों सिग्नल एक ही फाइबर में चलने पर सामान्य टेलीकॉम सिग्नल से पैदा होने वाला शोर क्वांटम सिग्नल की गुणवत्ता और क्वांटम एंटैंगलमेंट को प्रभावित कर सकता है।
शोध टीम ने नियंत्रित परिस्थितियों में इस चुनौती का परीक्षण किया और एक ही फाइबर पर दोनों प्रकार के संचार की क्षमता का अध्ययन किया।
इस तकनीक का भविष्य में बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों, सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवाओं तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े संवेदनशील संचार को अधिक सुरक्षित बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस सफलता से मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को ही क्वांटम संचार के लिए इस्तेमाल करने की संभावनाएं बढ़ी हैं। शोध को IIT दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस अनुदान और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से वित्तीय सहयोग मिला है।
यह शोध Optics Communications जर्नल में प्रकाशित हुआ है। भारत में क्वांटम तकनीक और सुरक्षित डिजिटल कम्युनिकेशन के क्षेत्र में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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