चेन्नई (Action Bharat) | अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने अमेरिकी अरबपति एलन मस्क को भारत की सैटेलाइट इंटरनेट नीति को लेकर जवाब दिया है। हासन ने कहा कि कोई भी अरबपति, चाहे वह भारतीय हो या अमेरिकी, किसी देश की नीतियां तय नहीं कर सकता। भारत अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है।
दरअसल, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को भारत में मंजूरी मिलने में हो रही देरी को लेकर चर्चा के बीच कमल हासन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत की दूरसंचार नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दे उठाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं
कमल हासन ने कहा कि टेलीकॉम नेटवर्क और स्पेक्ट्रम केवल व्यावसायिक संपत्ति नहीं हैं, बल्कि देश के रणनीतिक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में भारतीय और विदेशी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा का स्वागत करना चाहिए। हालांकि, कंपनियों की सेवाएं किफायती हों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंच सकें, इसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
आम लोगों की पहुंच में हो सैटेलाइट इंटरनेट
हासन ने इंटरनेट सेवाओं की कीमतों पर जोर देते हुए कहा कि कम प्रति व्यक्ति आय वाले देशों में सैटेलाइट इंटरनेट सस्ता होना चाहिए। यदि उपकरणों और सब्सक्रिप्शन की कीमत अधिक होगी, तो आम परिवार इन सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का उद्देश्य डिजिटल अंतर को कम करना होना चाहिए, न कि एक नया अंतर पैदा करना।
अमेरिका की व्यापार नीति पर भी उठाए सवाल
कमल हासन ने पश्चिमी देशों की व्यापार नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो देश अपने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए संरक्षणवादी कदम उठाते हैं, उन्हें दूसरे देशों को मुक्त बाजार की नसीहत देते समय अपने दोहरे मानदंडों पर भी विचार करना चाहिए।
उन्होंने अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग से जुड़े टैरिफ और भारत-अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी देश केवल अपने हितों के अनुकूल होने पर समान अवसरों की मांग नहीं कर सकता।
भारतनेट योजना पर भी जवाबदेही की मांग
हासन ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी सरकार की उपलब्धियों और कमियों, दोनों पर सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने भारतनेट योजना का उल्लेख करते हुए योजना के खर्च और ग्राम पंचायतों में उसकी प्रगति को लेकर जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत की दूरसंचार व्यवस्था की उपलब्धियों की सराहना के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी जरूरी है।
‘भारत अपना भविष्य खुद तय करेगा’
अपने संदेश में कमल हासन ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, कोई उपनिवेश नहीं। भारत दुनिया की कंपनियों और निवेश का स्वागत करता है, लेकिन देश की नीतियां और भविष्य भारतीयों के हितों के आधार पर तय होंगे।
उनके बयान ने सैटेलाइट इंटरनेट, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी कंपनियों की भूमिका और डिजिटल सेवाओं की किफायत को लेकर बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।
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