Jio IPO: मुकेश अंबानी की जियो ने दाखिल किया RHP, 21 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ; निवेशकों के लिए जानिए पूरी जानकारी

कारोबार

नई दिल्ली (Action Bharat) | मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज समर्थित जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। दस्तावेज के अनुसार, आईपीओ में निवेश के लिए बोली प्रक्रिया 21 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और 23 अक्टूबर तक चलेगी।

इस आईपीओ पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। कंपनी ने इश्यू से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने रखी हैं, जिनमें आवेदन की तारीखें, एंकर निवेशकों की बोली और कर्मचारियों तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए आरक्षित शेयरों का विवरण शामिल है।

21 से 23 अक्टूबर तक खुलेगा जियो का आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स के RHP के मुताबिक, आईपीओ की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:

  • एंकर निवेशकों की बोली: 19 अक्टूबर 2026
  • आईपीओ खुलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2026
  • आईपीओ बंद होने की तारीख: 23 अक्टूबर 2026

एंकर निवेशकों के लिए बोली की प्रक्रिया आम निवेशकों के लिए इश्यू खुलने से पहले निर्धारित की गई है।

इसके अलावा, 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे आकाश अंबानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रस्तावित है। इसमें जियो के आईपीओ से जुड़े सवालों पर जानकारी दिए जाने की उम्मीद है।

कर्मचारियों और रिलायंस के शेयरधारकों के लिए आरक्षण

आईपीओ में पात्र कर्मचारियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के योग्य शेयरधारकों के लिए भी शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान बताया गया है।

  • पात्र कर्मचारियों के लिए: 500 करोड़ रुपये तक के शेयर
  • योग्य रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयरधारकों के लिए: 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर
  • दोनों श्रेणियों के लिए कुल आरक्षण: 3,000 करोड़ रुपये तक

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों में वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हो सकते हैं, जिनके पास 14 अक्टूबर 2026 को मूल कंपनी के सार्वजनिक इक्विटी शेयर थे। हालांकि, इसका लाभ लागू पात्रता शर्तों और नियामकीय नियमों को पूरा करने पर ही मिलेगा।

आईपीओ में 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना

जियो प्लेटफॉर्म्स के पहले दाखिल किए गए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयरों का इश्यू शामिल है। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य यानी फेस वैल्यू 10 रुपये बताया गया है।

नए शेयर जारी करने का अर्थ है कि कंपनी आईपीओ के माध्यम से नए इक्विटी शेयर जारी कर सकती है। इश्यू का आकार, कीमत और अन्य शर्तों को समझने के लिए निवेशकों को कंपनी के अंतिम प्रस्ताव दस्तावेज में दी गई जानकारी देखनी चाहिए।

SEBI की प्रक्रिया में भी आगे बढ़ा आईपीओ

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद 28 अगस्त को कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ड्राफ्ट दस्तावेज पर अपना ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है।

RHP दाखिल करना आईपीओ प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। इसमें निवेशकों के लिए इश्यू से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी जाती है, ताकि वे निवेश से पहले कंपनी और पेशकश की शर्तों को समझ सकें।

निवेश से पहले किन बातों पर ध्यान दें?

जियो के आईपीओ में निवेश करने की योजना बना रहे लोगों को केवल कंपनी की लोकप्रियता या बाजार में चर्चा के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले अंतिम प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी, शेयरों का प्राइस बैंड, न्यूनतम आवेदन राशि, कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम कारक और आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम के उपयोग को समझना जरूरी है।

ध्यान दें: यहां दी गई जानकारी उपलब्ध RHP संबंधी विवरण पर आधारित है। निवेश करने से पहले आधिकारिक दस्तावेजों में तारीखों, पात्रता और इश्यू की शर्तों की पुष्टि करें। यह खबर निवेश की सलाह नहीं है।

#JioIPO #JioPlatforms #MukeshAmbani #RelianceIndustries #IPO2026 #ShareMarket #StockMarketIndia #ActionBharat

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *