रांची में लाठीचार्ज के बाद भड़के छात्र नेता, बोले- अब सीधे CM से होगी बात

राज्य

रांची में JPSC और JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद छात्र नेताओं का गुस्सा सामने आया है।

छात्र नेता रविंद्र पासवान ने पुलिस लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा है कि अब आंदोलन सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।

रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अभिभावकों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

‘अब सीधे मुख्यमंत्री से होगी बातचीत’

छात्र नेता ने साफ कहा कि अब किसी सरकारी प्रतिनिधिमंडल या मध्यस्थ से बातचीत नहीं होगी।

उनके मुताबिक, अब छात्रों की सीधी बातचीत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से होगी।

रविंद्र पासवान का कहना है कि सरकार को हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की तरफ से छात्रों को हटाने की कोशिश की गई, जबकि छात्र अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने पहुंचे थे।

CBI जांच की मांग

छात्र नेताओं की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच भी शामिल है।

रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र CBI जांच की मांग कर रहे हैं और उनका सवाल है कि जब जांच की मांग की जा रही है तो सरकार की ओर से बातचीत के बजाय लाठीचार्ज क्यों किया जा रहा है।

हालांकि, इन आरोपों पर सरकार और प्रशासन का विस्तृत पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।

‘लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चलेगी’

पुलिस कार्रवाई से नाराज छात्र नेता ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है।

उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर तत्काल बातचीत करने की अपील की और कहा कि जब तक मांगों पर समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा।

महिला प्रदर्शनकारियों ने भी उठाए सवाल

प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

छात्रा का आरोप है कि मौके पर पर्याप्त महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नहीं थी और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी बल प्रयोग किया गया।

उन्होंने सरकार के महिला सम्मान से जुड़े दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रही महिलाओं के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।

17 दिन से सत्याग्रह, 9 दिन से भूख हड़ताल का दावा

वहीं छात्र नेता देवेंद्र महतो ने दावा किया कि छात्र पिछले 17 दिनों से सत्याग्रह और 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें भी धक्का दिया और जबरन एंबुलेंस में बैठाया गया।

अब छात्र आंदोलन में पुलिस कार्रवाई के बाद सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।

एक तरफ छात्र JPSC-JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने आंदोलन को और उग्र बना दिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या सरकार छात्रों से सीधे बातचीत करेगी? क्या उनकी CBI जांच की मांग पर कोई फैसला होगा? और क्या रांची की सड़कों पर चल रहा यह आंदोलन वाकई एक बड़े जन-आंदोलन में बदलने जा रहा है?

Action भारत News के लिए यही इस वक्त की बड़ी खबर है।

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