वर्ल्ड कप 2027 शुरू होने में अभी करीब डेढ़ साल बाकी है… लेकिन टूर्नामेंट के नए फॉर्मेट को लेकर अभी से बवाल खड़ा हो गया है।
ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए नया फॉर्मेट घोषित किया है। इस बार टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी, लेकिन सभी 14 टीमें सीधे मुख्य मुकाबले में नहीं उतरेंगी।
और यही बदलाव अब विवाद की वजह बन गया है।
क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन यानी KNCB ने ICC के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। दोनों बोर्डों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि इतने बड़े बदलाव की घोषणा वर्ल्ड कप शुरू होने से 18 महीने से भी कम समय पहले करना निराशाजनक है और Associate देशों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
क्या है ICC का नया फॉर्मेट?
अब सबसे पहले समझते हैं कि ICC ने आखिर बदला क्या है।
2027 वर्ल्ड कप में 14 टीमें होंगी।
लेकिन सबसे निचली रैंक वाली तीन टीमों को पहले एक Super Series खेलनी होगी।
इन तीनों टीमों के बीच राउंड-रॉबिन मुकाबले होंगे और सिर्फ एक टीम मुख्य चरण में आगे जाएगी।
इसके बाद कुल 12 टीमें दो ग्रुप में बांटी जाएंगी।
हर ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी और सभी टीमें अपने ग्रुप में एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी।
दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें, यानी कुल 6 टीमें, अगले चरण में जाएंगी।
इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में से बेहतर प्रदर्शन करने वाली एक टीम भी आगे पहुंचेगी।
यानी यहां से कुल 7 टीमें Super 7 चरण में पहुंचेंगी।
Super 7 में क्या होगा?
Super 7 में सभी सात टीमें राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी।
इस चरण में कुल 21 मुकाबले होंगे।
इसके बाद अंक तालिका की टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
पहले स्थान वाली टीम का मुकाबला चौथे स्थान वाली टीम से होगा, जबकि दूसरे और तीसरे नंबर की टीमें दूसरे सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी।
और फिर दोनों सेमीफाइनल के विजेता खेलेंगे वर्ल्ड कप का फाइनल।
Scotland और Netherlands क्यों नाराज हैं?
विवाद यहीं से शुरू होता है।
Scotland और Netherlands का कहना है कि इस तरह के बड़े बदलावों पर Associate Members से पर्याप्त सलाह-मशविरा होना चाहिए था।
दोनों बोर्डों ने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है और ऐसे समय में फॉर्मेट और क्वालीफिकेशन प्रक्रिया में बदलाव से टीमों की योजना प्रभावित हो सकती है।
दोनों देशों ने यह भी चिंता जताई कि इस तरह के फैसले क्रिकेट को ज्यादा देशों तक पहुंचाने और Associate nations के विकास के लक्ष्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ICC का तर्क क्या है?
दूसरी तरफ ICC का कहना है कि नया फॉर्मेट मुकाबलों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी और महत्वपूर्ण बनाने के लिए तैयार किया गया है।
ICC के मुताबिक, शुरुआती दौर से लेकर सेमीफाइनल तक मैचों में ज्यादा महत्व और प्रतिस्पर्धा बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
लेकिन Associate देशों का सवाल है कि अगर क्रिकेट को वास्तव में ग्लोबल बनाना है, तो छोटे क्रिकेट देशों की भागीदारी और उनके हितों को फॉर्मेट तैयार करते समय ज्यादा महत्व क्यों नहीं दिया गया?
अब असली टकराव यही है
एक तरफ ICC नए फॉर्मेट को ज्यादा प्रतिस्पर्धी वर्ल्ड कप बनाने की दिशा में कदम बता रहा है।
दूसरी तरफ Scotland और Netherlands जैसे Associate Members इसे अपने लिए अनिश्चितता और अवसरों में कमी के तौर पर देख रहे हैं।
और इसलिए सवाल सिर्फ वर्ल्ड कप के फॉर्मेट का नहीं है।
सवाल यह भी है कि—
क्या क्रिकेट को कुछ बड़ी टीमों के इर्द-गिर्द और ज्यादा केंद्रित किया जा रहा है?
या फिर ICC का नया फॉर्मेट वास्तव में वर्ल्ड कप के मुकाबलों को पहले से ज्यादा रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाएगा?
2027 का वर्ल्ड कप अभी दूर है… लेकिन उसके फॉर्मेट को लेकर पहली बड़ी बहस शुरू हो चुकी है।
