नई दिल्ली। नौकरी बदलने या छोड़ने के बाद कई कर्मचारी अपने पुराने EPF खाते का पैसा न तो निकालते हैं और न ही नए खाते में ट्रांसफर करते हैं। ऐसे ही निष्क्रिय खातों को लेकर संसद में सरकार ने बड़ा खुलासा किया है।
श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 तक देश में 21,55,387 निष्क्रिय EPF खाते थे। इन खातों में औसतन करीब 39,460 की राशि जमा थी। इस हिसाब से कुल रकम लगभग ₹850.52 करोड़ बैठती है।
चार साल में 84% बढ़े निष्क्रिय खाते
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में निष्क्रिय EPF खातों की संख्या 11,72,923 थी। 2023-24 तक यह संख्या बढ़कर 21,55,387 हो गई।
यानी करीब चार वर्षों में निष्क्रिय खातों की संख्या में लगभग 84% की वृद्धि हुई।
वहीं प्रति खाते औसत राशि भी बढ़ी। 2020-21 में यह करीब 33,513 थी, जो 2023-24 में बढ़कर 39,460 हो गई।
आखिर PF खाते निष्क्रिय क्यों हो जाते हैं?
इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम वजह नौकरी बदलने के बाद पुराने PF खाते को नए खाते में ट्रांसफर न करना या उसमें जमा राशि का क्लेम नहीं करना है।
इसके अलावा KYC, आधार सीडिंग और पुराने रिकॉर्ड में अधूरी जानकारी जैसे कारणों से भी पुराने खातों की पहचान और स्थिति में बदलाव हो सकता है।
EPFO ने शुरू किए कई कदम
निष्क्रिय खातों में फंसे कर्मचारियों के पैसे तक उन्हें पहुंचाने के लिए EPFO की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसके तहत ‘निधि आपके निकट (NAN) 2.0’ जैसे अभियान और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को पुराने PF खातों की जानकारी लेने और अपने दावे करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
नई व्यवस्था में ऑटो-क्लेम जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है, ताकि पात्र कर्मचारियों के PF दावों की प्रक्रिया आसान हो सके।
आपके लिए जरूरी बात
अगर आपने कभी नौकरी बदली है और पुराने नियोक्ता का PF नए खाते में ट्रांसफर नहीं कराया, तो अपने UAN/EPFO रिकॉर्ड को जरूर जांच लें। संभव है कि पुराने रोजगार से जुड़ी PF राशि अभी भी आपके खाते में मौजूद हो।
News for Action Bharat: संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार 2023-24 तक 21.55 लाख निष्क्रिय EPF खातों में औसतन ₹39,460 प्रति खाता था। यह गणना कुल मिलाकर करीब ₹850.52 करोड़ की राशि बनती है।
