छत्रपति संभाजीनगर। शिक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ग्रामीण सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव से करने की बात कही गई है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में मौजूद बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को सामने लाना और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करने के लिए लोगों को अभियान से जोड़ना है।
गांव से शुरू होगी पहल
अभियान की शुरुआत सुबह करीब 7:30 बजे संतुक पिंपरी गांव से किए जाने की घोषणा की गई थी। दीपके ने कहा कि वह अपने गांव से इस पहल की शुरुआत करेंगे और स्थानीय सरपंच से सरकारी स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध करेंगे।
अभियान में स्कूल की इमारत, बच्चों के बैठने की व्यवस्था और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।
गांव-गांव जाएंगी CJP की टीमें
CJP के मुताबिक, अभियान को केवल एक गांव तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके लिए अलग-अलग टीमें तैयार की गई हैं, जो विभिन्न गांवों में जाकर स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों से सरकारी स्कूलों की स्थिति पर बातचीत करेंगी।
संगठन का कहना है कि स्कूलों की समस्याओं को केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी मानने के बजाय स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अभिभावकों से भी की गई अपील
अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता से भी अपने बच्चों के स्कूलों का जायजा लेने की अपील की गई है।
अभिभावकों से यह देखने को कहा गया है कि स्कूल में—
- बिजली की सुविधा है या नहीं
- पीने का साफ पानी उपलब्ध है या नहीं
- पर्याप्त शौचालय हैं या नहीं
- बच्चों के बैठने के लिए बेंच या अन्य व्यवस्था है या नहीं
- स्कूल की इमारत और परिसर की स्थिति कैसी है
यदि कोई बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो उसकी तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड कर समस्या को सामने लाने की अपील की गई है।
स्कूलों के लिए ऑडिट फॉर्म लाने की तैयारी
CJP की ओर से बताया गया है कि अभियान के तहत जल्द ही एक प्रिंट करने योग्य स्कूल ऑडिट फॉर्म जारी किया जाएगा।
इस फॉर्म के जरिए अभिभावक और स्थानीय नागरिक अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूल में उपलब्ध और अनुपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। संगठन के अनुसार, यह फॉर्म उसके आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी मुखर रही है CJP
CJP 2026 में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रही है। संगठन ने NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली सहित कई शहरों में प्रदर्शन किए हैं। जून में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन में छात्रों और युवाओं की भागीदारी भी देखी गई थी।
बाद में संगठन ने पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई शहरों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर अभियान चलाने की घोषणा की थी।
अब सरकारी स्कूलों पर फोकस
परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों के बाद CJP का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान सीधे ग्रामीण सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति पर ध्यान केंद्रित करता दिखाई दे रहा है।
इस पहल के जरिए संगठन यह सवाल उठाना चाहता है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।
हालांकि, अभियान के जरिए सामने आने वाले स्कूलों की समस्याओं और संबंधित प्रशासनिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक होगी। किसी स्कूल या स्थानीय निकाय पर लापरवाही का आरोप लगाने से पहले संबंधित विभाग और पंचायत का पक्ष लेना भी जरूरी होगा।
निष्कर्ष: ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का फोकस सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की जमीनी जांच और स्थानीय जवाबदेही पर है। अब देखना होगा कि CJP की यह पहल कितने गांवों तक पहुंचती है और सामने आने वाली समस्याओं पर प्रशासन की क्या कार्रवाई होती है।
डिस्क्लेमर: अभियान से संबंधित दावे CJP द्वारा बताए गए उद्देश्यों और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। स्थानीय स्कूलों की स्थिति और किसी प्रशासनिक लापरवाही की पुष्टि संबंधित विभाग से स्वतंत्र रूप से की जानी चाहिए।
