न्यूयॉर्क। अमेरिका की कंपनी JetZero भविष्य के यात्री विमानों की तकनीक पर काम कर रही है। कंपनी का Z4 विमान पारंपरिक एयरलाइनर से काफी अलग होगा। इसका सबसे बड़ा आकर्षण इसका ब्लेंडेड-विंग-बॉडी (BWB) डिजाइन और केबिन में पारंपरिक खिड़कियों का न होना है।
कंपनी की योजना के अनुसार Z4 का परीक्षण चरण आने वाले वर्षों में आगे बढ़ाया जाएगा और 2027 के आसपास पहली उड़ान का लक्ष्य बताया गया है। हालांकि, यात्रियों के लिए नियमित कमर्शियल सेवा शुरू होने में अभी कई साल लग सकते हैं।
मछली जैसी आकृति वाला विमान
Z4 का डिजाइन सामान्य यात्री विमानों से बिल्कुल अलग है। इसमें विमान का धड़ और पंख एक-दूसरे में इस तरह मिल जाते हैं कि पूरा विमान एक चौड़े, मछली जैसे आकार का दिखाई देता है।
इस डिजाइन का उद्देश्य विमान की एयरोडायनामिक दक्षता बढ़ाना है। कंपनी का दावा है कि पारंपरिक विमानों की तुलना में इससे ईंधन की खपत में काफी कमी लाई जा सकती है।
विमान में खिड़कियां क्यों नहीं होंगी?
Z4 की सबसे चर्चा वाली विशेषता इसका windowless cabin है।
पारंपरिक खिड़कियों की जगह यात्रियों को बाहरी दृश्य दिखाने के लिए भविष्य में कैमरा और स्क्रीन आधारित सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इससे विमान के ढांचे को डिजाइन करने में अधिक स्वतंत्रता मिलने और वजन तथा एयरोडायनामिक्स को बेहतर करने की संभावना जताई जाती है। हालांकि, अंतिम यात्री-कैबिन डिजाइन और खिड़की रहित व्यवस्था का वास्तविक रूप प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट होगा।
250 यात्रियों को ले जाने की क्षमता
रिपोर्ट के मुताबिक Z4 में लगभग 250 यात्रियों को ले जाने की क्षमता प्रस्तावित है।
कंपनी का दावा है कि BWB डिजाइन के कारण विमान पारंपरिक विमानों की तुलना में 50 प्रतिशत तक कम ईंधन इस्तेमाल कर सकता है। यह दावा अभी विकास और परीक्षण के चरण में है, इसलिए वास्तविक प्रदर्शन का आकलन विमान के उड़ान परीक्षणों के बाद ही किया जा सकेगा।
ज्यादा जगह और बेहतर केबिन का दावा
Z4 में यात्रियों के लिए पारंपरिक विमान से अलग केबिन डिजाइन प्रस्तावित है।
इसमें—
- ज्यादा लेगरूम
- चौड़े गलियारे
- बेहतर सीटिंग लेआउट
- यात्रियों के लिए ज्यादा खुली जगह
- लगेज रखने के लिए बेहतर व्यवस्था
जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है।
इसका उद्देश्य बोर्डिंग और विमान के भीतर यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाना है।
चार गलियारों वाला डिजाइन?
रिपोर्टों में Z4 के केबिन में चार aisles होने की बात भी सामने आई है। यदि यह डिजाइन अंतिम रूप लेता है, तो इतने बड़े विमान में यात्रियों की आवाजाही और बोर्डिंग-डिस्बोर्डिंग सामान्य एयरलाइनर की तुलना में अलग अनुभव दे सकती है।
विमान को पारंपरिक एयरलाइनरों से अधिक ऊंचाई पर उड़ाने की संभावना की भी चर्चा हुई है, लेकिन ऐसे दावों की पुष्टि वास्तविक विमान के परीक्षण और प्रमाणन के बाद ही होगी।
अमेरिकी सरकार से मिला बड़ा समर्थन
JetZero के प्रोजेक्ट को अमेरिकी सरकार और रक्षा क्षेत्र से भी समर्थन मिला है। कंपनी को U.S. Air Force की ओर से पहले ही एक अनुबंध मिल चुका है।
कंपनी की योजना अमेरिका में ही निर्माण क्षमता विकसित करने की भी है, जिससे भविष्य में विमान निर्माण की सप्लाई चेन को घरेलू स्तर पर मजबूत किया जा सके।
2030 से पहले कमर्शियल उड़ान मुश्किल
Z4 की पहली टेस्ट फ्लाइट और नियमित यात्री सेवा को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए।
विमान को पहले प्रोटोटाइप परीक्षण, सुरक्षा परीक्षण, डिजाइन सत्यापन और नियामकीय प्रमाणन जैसी कई प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। इसलिए 2030 के आसपास या उसके बाद कमर्शियल इस्तेमाल की संभावना बताई जा रही है।
क्या Z4 भविष्य का यात्री विमान है?
यदि JetZero अपने दावों को वास्तविक परीक्षणों में साबित करने में सफल रहती है, तो Z4 विमानन उद्योग में बड़ा बदलाव ला सकता है।
कम ईंधन खपत + अलग एयरोडायनामिक डिजाइन + खिड़की रहित स्मार्ट केबिन + ज्यादा आंतरिक जगह—ये चार विशेषताएं इसे मौजूदा यात्री विमानों से अलग बनाती हैं।
लेकिन फिलहाल Z4 एक विकासाधीन विमान है। इसकी वास्तविक ईंधन बचत, यात्री क्षमता, केबिन डिजाइन और 2027 की उड़ान समयसीमा को अंतिम परिणामों और प्रमाणन के आधार पर ही परखा जाना चाहिए।
