PM CARES Fund पर कांग्रेस का हमला, पवन खेड़ा बोले- ₹8,452 करोड़ में खर्च सिर्फ 0.01%

राष्ट्रीय

नई दिल्ली। PM CARES Fund के वित्त वर्ष 2024-25 के ऑडिटेड वित्तीय आंकड़े सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि फंड में करीब ₹8,452 करोड़ की राशि मौजूद थी, जबकि वर्ष के दौरान खर्च केवल ₹87.85 लाख रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि आपदा और राहत की जरूरत के बीच इतनी बड़ी राशि का इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ।

क्या कहते हैं जारी आंकड़े?

उपलब्ध वित्तीय विवरण के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत में PM CARES Fund का बैलेंस करीब ₹7,173.03 करोड़ था। वर्ष के दौरान विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राशि, ब्याज और अन्य मदों के बाद क्लोजिंग बैलेंस करीब ₹8,452.07 करोड़ रहा।

इसी अवधि में फंड से करीब ₹87.85 लाख का भुगतान दर्ज किया गया। इसी आंकड़े को आधार बनाकर कांग्रेस ने 0.01 प्रतिशत उपयोग का सवाल उठाया है।

₹7,846 करोड़ FD में

रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च 2025 को फंड के करीब ₹7,846 करोड़ फिक्स्ड डिपॉजिट में और लगभग ₹605 करोड़ सेविंग्स बैंक अकाउंट में थे।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फंड में बड़ी राशि का मौजूद होना अपने-आप में यह साबित नहीं करता कि पैसा “बेकार” या गैरकानूनी तरीके से रखा गया है। PM CARES स्वयं इसे आपातकालीन परिस्थितियों और आपदा राहत के लिए बनाया गया सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट बताता है।

पवन खेड़ा ने क्या कहा?

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर जारी आंकड़ों को लेकर सरकार पर तंज किया। उनका आरोप है कि ₹8,452 करोड़ में से सिर्फ 0.01 प्रतिशत राशि खर्च हुई, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और पुनर्वास की जरूरत बनी हुई है।

कांग्रेस इस आंकड़े के आधार पर फंड के उपयोग और उसके प्रबंधन को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है।

PM CARES Fund आखिर है क्या?

PM CARES यानी Prime Minister’s Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations Fund को मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान आपातकालीन सहायता के उद्देश्य से स्थापित किया गया था।

PM CARES की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसका उद्देश्य महामारी, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात स्थितियों में राहत, स्वास्थ्य ढांचे के निर्माण/उन्नयन, अनुसंधान और प्रभावित लोगों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। फंड को सरकार के बजट से मिलने वाली नियमित राशि के बजाय स्वैच्छिक योगदान से संचालित बताया गया है।

बड़ा सवाल: पैसा रखा क्यों गया और खर्च कितना हुआ?

इस पूरे विवाद में दो अलग-अलग पहलू हैं।

कांग्रेस का सवाल: जब फंड का उद्देश्य आपातकालीन राहत है तो हजारों करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध होने के बावजूद एक वित्त वर्ष में इतनी कम राशि क्यों खर्च हुई?

दूसरा पक्ष: PM CARES का उद्देश्य केवल किसी एक वित्त वर्ष में पूरी राशि खर्च करना नहीं है। फंड को भविष्य की आपात स्थितियों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है और आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यह एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट है।

इसलिए “₹8,452 करोड़ बेकार पड़े हैं” कांग्रेस की राजनीतिक टिप्पणी है; इसे ऑडिट रिपोर्ट का निष्कर्ष बताना सही नहीं होगा।

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PM CARES पर कांग्रेस का बड़ा सवाल: ₹8,452 करोड़ का बैलेंस, एक साल में खर्च सिर्फ ₹87.85 लाख

सबहेड:
ऑडिटेड आंकड़े सामने आने के बाद पवन खेड़ा का केंद्र पर हमला; कांग्रेस ने आपदा राहत के बीच फंड के कम इस्तेमाल पर मांगा जवाब।

फैक्ट नोट: PM CARES की आधिकारिक वेबसाइट इसे आपातकालीन राहत के लिए स्थापित सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट बताती है और इसके उद्देश्यों में प्राकृतिक आपदा व अन्य आपात स्थितियों में सहायता शामिल है।

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