स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय मिक्स्ड डिसएबिलिटी क्रिकेट टीम ने ऐसा जश्न मनाया, जिसने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को 2002 के नेटवेस्ट फाइनल की याद दिला दी। इंग्लैंड को सातवें और आखिरी IT20 में 118 रन से हराने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपने ब्लेजर उतारकर जश्न मनाया।
भारत ने मुकाबला तो शानदार अंदाज में जीता, लेकिन सात मैचों की सीरीज इंग्लैंड ने 4-3 से अपने नाम की।
206 रन बनाकर भारत ने मचाया धमाल
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 206/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
भारत की पारी में:
- अर्जुन गावरे – 68 रन (44 गेंद)
- कप्तान माजिद मगरे – नाबाद 63 रन (19 गेंद)
कप्तान माजिद मगरे ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 19 गेंदों में 63 रन ठोक दिए।
88 रन पर ढेर हुई इंग्लैंड
207 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और सिर्फ 88 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारत की ओर से हिलाल अहमद वानी ने 4 विकेट, जबकि जयेश परमार ने 3 विकेट झटके। भारत ने मुकाबला 118 रन के बड़े अंतर से जीत लिया।
गांगुली के 2002 वाले जश्न की आई याद
मुकाबला जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी और टीम के सदस्य लॉर्ड्स की बालकनी में पहुंचे। वहां उन्होंने अपने ब्लेजर उतारकर जश्न मनाया और जर्सी लहराने का अंदाज अपनाया।
यह दृश्य तुरंत सौरव गांगुली के 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल के ऐतिहासिक सेलिब्रेशन की याद दिलाने लगा। तब गांगुली ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल जीतने के बाद लॉर्ड्स की बालकनी से अपनी शर्ट लहराई थी।
24 साल बाद उसी मैदान पर भारतीय मिक्स्ड डिसएबिलिटी टीम ने उस यादगार पल को अपने अंदाज में फिर जीवंत कर दिया।
सीरीज इंग्लैंड के नाम, आखिरी मैच भारत का
भारत भले ही सात मैचों की सीरीज 4-3 से हार गया, लेकिन आखिरी मुकाबले में मिली 118 रन की जीत ने दौरे का शानदार अंत किया।
यह सीरीज मिक्स्ड डिसएबिलिटी क्रिकेट के लिए भी खास रही। इस फॉर्मेट में Physical Disability, Learning Disability और Deaf क्रिकेट से जुड़े खिलाड़ी मिलकर एक टीम बनाते हैं। ECB ने 2026 की सात मैचों की सीरीज का समापन लॉर्ड्स में रखा था।
