वॉशिंगटन: अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने भारतीय नागरिक कमल को वांटेड घोषित किया है। FBI के मुताबिक, कमल का कथित तौर पर Lawrence Bishnoi Organized Crime Group से संबंध है और वह एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन की गतिविधियों में शामिल रहा है।
FBI की आधिकारिक वांटेड नोटिस के अनुसार, कमल पर जबरन वसूली के जरिए व्यापार को प्रभावित करने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। उसके खिलाफ अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की संघीय अदालत ने 1 जुलाई 2026 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
FBI की वांटेड लिस्ट में कमल
FBI ने कमल को अपनी वांटेड सूची में शामिल करते हुए उसकी राष्ट्रीयता भारतीय बताई है। एजेंसी की नोटिस में उसका नाम “No Name Given Kamal” दर्ज है। FBI के रिकॉर्ड के मुताबिक उसकी जन्मतिथि 27 जुलाई 2000 है, जबकि उसकी लंबाई करीब 5 फीट 7 इंच बताई गई है।
FBI का आरोप है कि कमल जिस आपराधिक संगठन से कथित तौर पर जुड़ा है, वह Lawrence Bishnoi Organized Crime Group है। एजेंसी के अनुसार यह संगठन भारत के पंजाब राज्य में शुरू हुआ और अमेरिका के कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट समेत अन्य स्थानों पर सक्रिय रहा है।
जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल का आरोप
अमेरिकी जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में आरोप केवल गैंग से कथित जुड़ाव तक सीमित नहीं है। कमल पर extortion के जरिए commerce में हस्तक्षेप करने की साजिश का संघीय आरोप लगाया गया है।
अमेरिकी अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के बाद FBI उसकी तलाश कर रही है और आम लोगों से भी उसके बारे में जानकारी देने की अपील की गई है।
भारत से अमेरिका तक संगठित अपराध पर कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी एजेंसियां भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही हैं। FBI के लॉस एंजिल्स कार्यालय ने जुलाई 2026 में भारत-आधारित संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 24 गिरफ्तारियों की जानकारी दी थी।
FBI की ओर से कमल को लेकर जारी नोटिस में लोगों से अपील की गई है कि यदि उसके बारे में कोई जानकारी हो तो वे अपने स्थानीय FBI कार्यालय, निकटतम अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण: कमल पर लगाए गए आरोप अभी आरोप हैं। FBI की वांटेड सूची में शामिल होना या गिरफ्तारी वारंट जारी होना अदालत में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
स्रोत: FBI, PTI
