ढाका: बांग्लादेश क्रिकेट इस समय बड़े वित्तीय और प्रशासनिक संकट से गुजर रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 2026 में Bangladesh Premier League (BPL) का आयोजन नहीं किया जाएगा।
तमीम के मुताबिक, पिछले दो सीजन में BPL से बोर्ड को करीब 40 करोड़ बांग्लादेशी टका, यानी लगभग ₹31 करोड़, का नुकसान हुआ है। इसके अलावा फ्रेंचाइजी से जुड़े वित्तीय विवाद, नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार के आरोपों ने भी टूर्नामेंट की मुश्किलें बढ़ाई हैं।
इस साल नहीं होगा BPL
BCB अध्यक्ष तमीम इकबाल ने साफ कहा कि वह घाटे में चल रहे टूर्नामेंट को केवल परंपरा निभाने के लिए आयोजित नहीं करना चाहते।
उनके मुताबिक, फ्रेंचाइजी क्रिकेट से बोर्ड को कमाई होनी चाहिए, लगातार नुकसान नहीं। इसलिए पहले टूर्नामेंट की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को ठीक किया जाएगा और उसके बाद ही BPL को दोबारा शुरू किया जाएगा।
BCB अब फ्रेंचाइजी सिस्टम, भुगतान, बैंक गारंटी और नियमों से जुड़े मुद्दों को दोबारा व्यवस्थित करने की तैयारी कर रहा है। तमीम ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया में 6 से 24 महीने तक लग सकते हैं। बोर्ड का लक्ष्य अगले साल BPL को नए और ज्यादा टिकाऊ ढांचे के साथ वापस लाना है।
फ्रेंचाइजी विवाद भी बड़ी वजह
BPL पिछले कुछ समय से कई विवादों में घिरा रहा है। फ्रेंचाइजी की वित्तीय प्रतिबद्धताओं, भुगतान और बैंक गारंटी को लेकर समस्याएं सामने आई हैं।
इसके अलावा पिछले संस्करणों के दौरान भ्रष्टाचार और बेटिंग से जुड़े मामलों ने भी लीग की छवि को नुकसान पहुंचाया। BCB ने पहले ही कुछ खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
तमीम का कहना है कि बोर्ड पहले इन समस्याओं को ठीक करेगा और उसके बाद ही ऐसी लीग आयोजित की जाएगी जिससे बांग्लादेश क्रिकेट को आर्थिक फायदा हो।
भारत-बांग्लादेश सीरीज पर भी संकट
BPL के साथ-साथ भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित सीरीज के कार्यक्रम को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
तमीम इकबाल ने कहा कि भारत के खिलाफ सीरीज की तारीखों में बदलाव हो सकता है, क्योंकि BCB अपने घरेलू क्रिकेट कैलेंडर को दोबारा तैयार कर रहा है। दोनों बोर्ड के बीच सीरीज को लेकर बातचीत जारी है।
मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार भारत और बांग्लादेश के बीच तीन वनडे और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाने हैं। लेकिन तारीखों को लेकर अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं है।
सितंबर में भारत के पास पहले से है सीरीज
भारत ने 13 से 17 सितंबर के बीच नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज पहले ही निर्धारित कर रखी है।
ऐसे में सितंबर में भारत-बांग्लादेश सीरीज आयोजित करना मुश्किल दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि BCB को अपने कैलेंडर में बदलाव करना पड़ सकता है।
मीरपुर की जगह बदल सकता है घरेलू टूर्नामेंट
BCB 28 अगस्त से 9 सितंबर तक शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मीरपुर में अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-23 खिलाड़ियों के लिए गेम डेवलपमेंट टूर्नामेंट आयोजित करने वाला है।
तमीम ने कहा है कि अगर भारत के साथ सीरीज के लिए तारीखों में बदलाव जरूरी हुआ तो इस घरेलू टूर्नामेंट को ढाका के बशुंधरा ग्राउंड में स्थानांतरित किया जा सकता है। यानी BCB भारत के खिलाफ सीरीज के लिए अपने घरेलू कार्यक्रम में बदलाव करने को तैयार है।
BPL से खिलाड़ियों को भी होगा नुकसान
BPL के नहीं होने का सीधा असर बांग्लादेश के घरेलू क्रिकेटरों और विदेशी खिलाड़ियों पर भी पड़ेगा। तमीम इकबाल ने माना कि खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान होगा।
हालांकि उनका कहना है कि लंबे समय के लिए मजबूत और पारदर्शी BPL तैयार करना ज्यादा जरूरी है। बोर्ड फ्रेंचाइजी प्रक्रिया को दोबारा व्यवस्थित करके अगले साल अप्रैल-मई तक नई व्यवस्था तैयार करने का लक्ष्य रख रहा है।
बांग्लादेश क्रिकेट के सामने दो बड़ी चुनौतियां
इस समय BCB के सामने दो बड़े सवाल हैं—
पहला, BPL को दोबारा ऐसा टूर्नामेंट कैसे बनाया जाए जिससे बोर्ड को नुकसान के बजाय मुनाफा हो।
दूसरा, भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज को नए क्रिकेट कैलेंडर में कब और कैसे फिट किया जाए।
भारत के खिलाफ सीरीज बांग्लादेश क्रिकेट के लिए सिर्फ खेल के लिहाज से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में तारीखों में बदलाव BCB के लिए एक और बड़ी चुनौती बन सकता है।
Bottom Line
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 2026 का BPL रोक दिया है। पिछले दो सीजन में करीब 40 करोड़ बांग्लादेशी टका यानी लगभग ₹31 करोड़ के नुकसान के बाद BCB अब लीग को नए ढांचे में तैयार करना चाहता है।
उधर भारत-बांग्लादेश सीरीज की तारीखों पर भी दोबारा बातचीत चल रही है। भारत का सितंबर में अफगानिस्तान के साथ कार्यक्रम पहले से तय होने के कारण सीरीज के पुराने समय पर होने की संभावना कमजोर हो गई है।
यानी बांग्लादेश क्रिकेट के सामने इस समय आर्थिक संकट, BPL सुधार और भारत सीरीज—तीनों मोर्चों पर बड़ी चुनौती खड़ी है।
स्रोत: PTI, Reuters, BCB से संबंधित बयान और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट रिपोर्टिंग
