नई दिल्ली। घर की सजावट के लिए विंड चाइम लगाना आजकल काफी आम है। हवा के साथ इसकी मधुर आवाज घर के माहौल को खुशनुमा बनाती है। वहीं, वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार विंड चाइम को सही दिशा और सही सामग्री के साथ लगाने से सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि से जुड़े लाभ माने जाते हैं।
🔔 किस दिशा में लगाएं विंड चाइम?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में धातु से बनी विंड चाइम लगाना शुभ माना जाता है। इसे बच्चों के करियर और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है।
वहीं पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में लकड़ी या बांस की विंड चाइम लगाने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि लकड़ी विकास और प्रगति का प्रतीक है।
🔢 छड़ों की संख्या भी महत्वपूर्ण
विंड चाइम खरीदते समय उसकी छड़ों की संख्या का भी ध्यान रखने की बात कही जाती है।
- 7 या 8 छड़ों वाली विंड चाइम को घर में शांति और सद्भाव से जोड़ा जाता है।
- 6 छड़ों वाली विंड चाइम को उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाने की मान्यता है, खासकर सामाजिक प्रतिष्ठा और संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से।
🚪 मुख्य द्वार पर घंटी लगाने की मान्यता
घर के मुख्य दरवाजे पर छोटी पीतल की घंटी लगाने को भी वास्तु में शुभ माना जाता है। दरवाजा खुलने पर घंटी की आवाज को सकारात्मक ऊर्जा के संचार से जोड़ा जाता है।
⚠️ इन जगहों पर न लगाएं विंड चाइम
वास्तु मान्यताओं के अनुसार विंड चाइम को ऐसी जगह लगाने से बचना चाहिए जहां उसके ठीक नीचे लोग बैठते या सोते हों। इसके अलावा रसोई, स्टोर/भंडारघर के कोने या बहुत अंधेरी जगहों में भी इसे लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।
ध्यान दें: ये बातें वास्तु शास्त्र की धार्मिक/परंपरागत मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके प्रभाव का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
🎙️ ACTION BHARAT एंकर लाइन
“घर में विंड चाइम तो आपने भी लगा रखी होगी, लेकिन क्या आपको पता है कि इसकी दिशा और छड़ों की संख्या भी वास्तु में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है? जानिए किस दिशा में कौन-सी विंड चाइम लगाना शुभ माना जाता है और किन जगहों पर इसे लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।”
