दिल्ली के स्कूलों में कक्षा 9 की परीक्षा-पदोन्नति व्यवस्था बदली, तीसरी भाषा और वोकेशनल एजुकेशन अनिवार्य

दिल्ली

नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 की परीक्षा और पदोन्नति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में तीसरी भाषा और व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य किया गया है, जबकि गणित और विज्ञान में विद्यार्थियों को उन्नत स्तर की परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा।

📚 कक्षा 9 में अब 6 मुख्य विषय

पदोन्नति के लिए छह मुख्य विषय होंगे:

  • भाषा-1
  • भाषा-2
  • गणित
  • विज्ञान
  • सामाजिक विज्ञान
  • व्यावसायिक शिक्षा

विद्यार्थियों को कुल तीन भाषाएं पढ़नी होंगी। तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा और परिणाम उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण के रूप में दर्ज किया जाएगा।

📝 तीसरी भाषा में फेल होने पर भी 10वीं में जा सकेंगे

अगर विद्यार्थी तीसरी भाषा में असफल होता है, लेकिन छह मुख्य विषयों में पदोन्नति की शर्तें पूरी करता है, तो उसे कक्षा 9 में नहीं रोका जाएगा। हालांकि, 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने से पहले तीसरी भाषा की नौवीं की परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।

➗ गणित और विज्ञान में एडवांस्ड परीक्षा

कक्षा 9 में गणित और विज्ञान की सामान्य परीक्षा 80 अंकों और तीन घंटे की होगी।

इच्छुक विद्यार्थियों को दोनों विषयों में 25-25 अंकों की अतिरिक्त एक घंटे की उन्नत स्तर की परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। विद्यार्थी एक या दोनों विषय चुन सकते हैं। इन अतिरिक्त अंकों को पदोन्नति या अंतिम परिणाम में नहीं जोड़ा जाएगा।

साथ ही 2026-27 से कक्षा 9 में गणित के पुराने बेसिक और स्टैंडर्ड स्तर की व्यवस्था समाप्त होगी।

🛠️ वोकेशनल एजुकेशन और AI पर जोर

नई व्यवस्था में व्यावसायिक शिक्षा, कला शिक्षा, व्यक्ति एवं समाज तथा शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य को भी अनिवार्य किया गया है।

इसके अलावा कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मॉड्यूल 2026-27 में शुरू किए जाएंगे और 2027-28 से इन्हें अनिवार्य विषय बनाया जाएगा।

🎯 9वीं में पास होने के लिए कितने अंक?

छह मुख्य विषयों में:

  • आंतरिक मूल्यांकन, प्रायोगिक और बाहरी मूल्यांकन में अलग-अलग कम से कम 33% अंक जरूरी होंगे।
  • वार्षिक परीक्षा में प्रत्येक मुख्य विषय में कम से कम 25% अंक हासिल करने होंगे।
  • अधिकतम 10 ग्रेस मार्क्स मिल सकेंगे।

अगर विद्यार्थी अधिकतम तीन मुख्य विषयों में असफल रहता है तो उसे अप्रैल में होने वाली पूरक परीक्षा का मौका मिलेगा। पूरक परीक्षा में ग्रेस मार्क्स का लाभ नहीं मिलेगा।

निर्धारित अवसरों के बाद भी विद्यार्थी सफल नहीं होता है तो उसे कक्षा 9 दोहरानी होगी।

🔴 क्या है बड़ा बदलाव?

नई व्यवस्था में दिल्ली के स्कूलों में सिर्फ किताबी शिक्षा के बजाय भाषा, व्यावसायिक कौशल, AI, कला और स्वास्थ्य शिक्षा को भी ज्यादा महत्व देने की कोशिश की गई है। वहीं 9वीं में पदोन्नति के लिए छह मुख्य विषयों में निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करना जरूरी होगा।

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