नई दिल्ली: सोने और चांदी के आभूषण आमतौर पर लोग सुंदरता और परंपरा के लिए पहनते हैं, लेकिन हिंदू धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में इनके पहनने के स्थान को लेकर भी कुछ नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि नाभि के ऊपर सोना और नाभि के नीचे चांदी धारण करना शुभ माना जाता है।
हालांकि, इन मान्यताओं को धार्मिक विश्वास के रूप में समझना चाहिए। इनके स्वास्थ्य या ऊर्जा संबंधी प्रभावों का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
नाभि के ऊपर सोना पहनने की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं में सोने को तेज, समृद्धि और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से सोने के आभूषणों को कमर और नाभि से ऊपर पहनना शुभ बताया जाता है।
कान की बालियां, नथ, हार, मंगलसूत्र, कंगन और अन्य आभूषणों में सोने के इस्तेमाल की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
ज्योतिषीय मान्यता में सोने का संबंध बृहस्पति ग्रह से जोड़ा जाता है। इसी कारण पैरों में सोना पहनने से कई परंपराओं में बचने की सलाह दी जाती है।
पैरों में चांदी की पायल और बिछिया क्यों?
धार्मिक परंपराओं में चांदी का संबंध चंद्रमा और शीतलता से माना जाता है। इसलिए पैरों में पायल और बिछिया जैसे आभूषण चांदी के पहनने की परंपरा है।
मान्यता है कि इससे शरीर में संतुलन और शीतलता बनी रहती है। महिलाओं में चांदी की पायल और बिछिया भारतीय संस्कृति में श्रृंगार के साथ-साथ पारंपरिक आभूषणों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं।
क्या सोना पैरों में पहनना अशुभ माना जाता है?
कई धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पैरों में सोना पहनने से बचना चाहिए। इसका एक कारण यह बताया जाता है कि सोना बृहस्पति से संबंधित और पूजनीय धातु माना जाता है, इसलिए इसे पैरों में धारण करना उचित नहीं माना जाता।
यही वजह है कि पारंपरिक भारतीय आभूषणों में पैरों के लिए चांदी का अधिक इस्तेमाल दिखाई देता है।
कमर के आभूषणों को लेकर क्या मान्यता है?
कमर में पहने जाने वाले आभूषणों को लेकर अलग-अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं। कमरबंद, करधनी आदि में सोने, चांदी या मिश्रित धातुओं का इस्तेमाल किया जाता रहा है।
धार्मिक मान्यताओं में इसे शरीर के मध्य भाग से जोड़कर देखा जाता है और इसे सौंदर्य तथा पारंपरिक श्रृंगार का प्रतीक माना जाता है।
क्या इससे सच में स्वास्थ्य या भाग्य बदलता है?
सोने-चांदी के आभूषणों से भाग्य, ऊर्जा या स्वास्थ्य पर निश्चित प्रभाव पड़ने के दावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है। इसलिए इन्हें धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताओं के रूप में ही देखना उचित है।
सार: परंपरागत मान्यता के अनुसार नाभि के ऊपर सोना और नाभि के नीचे चांदी पहनना शुभ माना जाता है। पैरों में चांदी की पायल-बिछिया और ऊपरी शरीर में सोने के आभूषण पहनने की परंपरा भारतीय संस्कृति में लंबे समय से चली आ रही है।
