नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने देश की युवा पीढ़ी और खासकर Gen-Z वोटरों से सीधे संवाद बढ़ाने के लिए विशेष ‘Gen-Z आउटरीच प्रोग्राम’ की रणनीति तैयार की है। पार्टी का फोकस युवाओं की आकांक्षाओं, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद बढ़ाने पर है।
नितिन नबीन की अगुवाई में बनी टीम
पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस अभियान के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम तैयार की गई है। इसमें स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, हर्ष संघवी और ओपी चौधरी समेत कई प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
टीम का उद्देश्य युवाओं के बीच जाकर उनकी प्राथमिकताओं और समस्याओं को समझना तथा पार्टी और युवा मतदाताओं के बीच संवाद को मजबूत करना है।
रोजगार और युवाओं के मुद्दों पर रहेगा फोकस
इस आउटरीच अभियान में युवाओं से सीधे संवाद, रोजगार, शिक्षा, अवसर और उनकी बदलती आकांक्षाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा किए जाने की बात कही गई है। पार्टी अनुभवी नेताओं और युवा नेतृत्व के संयोजन के जरिए Gen-Z तक अपनी नीतियों और विचारों को पहुंचाने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस भी युवाओं के बीच सक्रिय
युवाओं को लेकर विपक्षी दल भी सक्रिय हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों और युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रमों के जरिए अलग-अलग शहरों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में बीजेपी का Gen-Z आउटरीच कार्यक्रम युवा मतदाताओं के बीच राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पहली राष्ट्रीय टीम बैठक में बनी रणनीति
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली औपचारिक बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने की। बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह पदों के गायन से हुई। बैठक में पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति और विपक्ष से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
नोट: Gen-Z आउटरीच कार्यक्रम से जुड़ी ऊपर की जानकारी आपके दिए गए स्रोत-पाठ पर आधारित है।
