नई दिल्ली। दिल्ली में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच कोविड-19 की निगरानी भी तेज कर दी गई है। अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों और गंभीर श्वसन संक्रमण यानी SARI के मामलों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था के तहत सभी SARI मरीजों की कोविड जांच और ILI के 5 प्रतिशत मरीजों के नमूनों की कोविड जांच करने का प्रावधान है। इनसे जुड़ा डेटा IDSP-IHIP सिस्टम पर नियमित रूप से रिपोर्ट किया जाना है।
खास बात ये है कि H1N1 और कोविड के लक्षण काफी हद तक एक जैसे हो सकते हैं—जैसे बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना और थकान। इसलिए सिर्फ लक्षणों के आधार पर दोनों संक्रमणों में अंतर करना मुश्किल है।
जरूरत पड़ने पर RT-PCR जांच से संक्रमण की पहचान की जा सकती है। अस्पतालों को गंभीर मरीजों की स्थिति को देखते हुए ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और जांच सुविधाएं तैयार रखने पर भी जोर दिया गया है।
हालांकि, स्वास्थ्य निगरानी बढ़ाए जाने का मतलब दिल्ली में कोविड की नई लहर आना नहीं है। इसका मकसद H1N1, कोविड और दूसरे श्वसन संक्रमणों में किसी भी असामान्य बढ़ोतरी का समय रहते पता लगाना है।
Action Bharat की सलाह—लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें और डॉक्टर की सलाह से जांच कराएं।
