TCS का बड़ा विदेशी सौदा: Porsche की IT कंपनी MHP को ₹3,574 करोड़ में खरीदेगी Tata Consultancy Services

कारोबार

नई दिल्ली। टाटा समूह की IT दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ा कदम उठाया है। TCS ने जर्मनी की लग्जरी स्पोर्ट्स कार कंपनी Porsche AG की अनुषंगी MHP Management- und IT-Beratung GmbH (MHP) में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है।

यह सौदा करीब 32 करोड़ यूरो यानी लगभग ₹3,574 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर किया जाएगा।

🎯 ₹1.25 अरब यूरो की रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा

MHP का अधिग्रहण TCS और Porsche के बीच हुई एक बड़ी पांच वर्षीय रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है। इस पूरी साझेदारी का मूल्य करीब 1.25 अरब यूरो बताया गया है।

TCS के मुताबिक, यह डील उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी TCS Netherlands B.V. के माध्यम से पूरी की जाएगी।

लेनदेन को पूरा करने के लिए यूरोपीय आयोग के साथ-साथ जर्मनी और रोमानिया के संबंधित नियामकीय अधिकारियों की मंजूरी जरूरी होगी। कंपनी को उम्मीद है कि अधिग्रहण अगले 3 से 4 महीनों में पूरा हो सकता है।

🎯 AI और ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़ा दांव

इस डील की सबसे खास बात इसका AI और ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी से जुड़ा होना है।

TCS और Porsche मिलकर एक समर्पित ‘AI Mobility Center of Excellence’ स्थापित करेंगे। इसका उद्देश्य ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर और डेटा के इस्तेमाल को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाना होगा।

TCS का लक्ष्य Porsche की पूरी वैल्यू चेन में AI आधारित तकनीकों को लागू करने और भविष्य के लिए सॉफ्टवेयर-आधारित मोबिलिटी समाधान विकसित करने का है।

🎯 कौन है MHP?

जर्मनी के लुडविग्सबर्ग में मुख्यालय वाली MHP एक मैनेजमेंट और IT कंसल्टिंग कंपनी है।

कंपनी ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग के अलावा एयरोस्पेस, डिफेंस, ऊर्जा और पब्लिक सेक्टर जैसे क्षेत्रों में भी सेवाएं देती है।

MHP में करीब 4,500 कर्मचारी हैं और कंपनी ने 2025 कैलेंडर वर्ष में लगभग 74.2 करोड़ यूरो का कारोबार दर्ज किया था।

🎯 TCS के CEO ने क्या कहा?

TCS के CEO एवं MD के. कृतिवासन के मुताबिक, AI, सॉफ्टवेयर और डेटा ऑटोमोबाइल उद्योग को तेजी से बदल रहे हैं। Porsche की ऑटोमोबाइल क्षेत्र की विशेषज्ञता और TCS की AI, इंजीनियरिंग व डिजिटल तकनीक की क्षमता को जोड़कर बड़े स्तर पर नए समाधान विकसित किए जाएंगे।

Porsche की ओर से भी कहा गया कि TCS की डिजिटल और AI क्षमताओं के साथ कंपनी की ऑटोमोबाइल विशेषज्ञता को जोड़ने से नवाचार, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

🎯 TCS के शेयरों पर क्या असर?

दिलचस्प बात यह है कि इतने बड़े सौदे के ऐलान के बावजूद सोमवार को TCS के शेयर में तेजी नहीं आई। कारोबार के दौरान TCS का शेयर करीब ₹2,281 के स्तर पर था और दिन में लगभग 0.91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि, इस अधिग्रहण का वास्तविक वित्तीय और रणनीतिक प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा, खासकर जब TCS और Porsche की AI तथा ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी साझेदारी आगे बढ़ेगी।

🎯 क्यों महत्वपूर्ण है यह डील?

TCS का MHP अधिग्रहण सिर्फ एक विदेशी कंपनी खरीदने का सौदा नहीं है। यह AI + ऑटोमोबाइल + सॉफ्टवेयर के तेजी से बढ़ते संगम में TCS की स्थिति मजबूत करने की रणनीति भी है।

ऑटोमोबाइल कंपनियां अब सिर्फ कार बनाने वाली कंपनियां नहीं रह गई हैं। सॉफ्टवेयर, डेटा, AI और कनेक्टेड मोबिलिटी भविष्य की कार इंडस्ट्री के महत्वपूर्ण हिस्से बन चुके हैं। ऐसे में Porsche जैसी वैश्विक कंपनी के साथ TCS की यह साझेदारी भारतीय IT सेक्टर के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

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