नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के जसोला गांव में कच्चे नाले में गिरे 15 वर्षीय किशोर मिथुन की तलाश तीसरे दिन भी जारी रही, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना को लेकर दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव से संबंधित नाले की रिपोर्ट मांगी और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीसी साउथ-ईस्ट ने मामले में लापरवाही बरतने वाले जेई अनुज कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं, मिथुन की तलाश में एनडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
🎯 शनिवार सुबह नाले में गिरा था किशोर
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 15 वर्षीय मिथुन जसोला गांव के कच्चे नाले में गिर गया था। नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण वह बह गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एमसीडी, दमकल और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और तलाश अभियान शुरू किया गया।
तीन दिन से लगातार तलाशी अभियान चलाए जाने के बावजूद किशोर का अभी तक पता नहीं चल पाया है। रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने रविवार शाम तथा सोमवार दोपहर प्रदर्शन कर बचाव अभियान में तेजी लाने की मांग की।
🎯 नाले के आगे नहर में भी तलाश
एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल के आसपास के हिस्से के अलावा नाले के आगे सिंचाई विभाग की नहर में भी तलाशी अभियान चलाया। बताया गया है कि शाहीनबाग थाने से आगे सिंचाई विभाग की नहर में भी किशोर का कोई पता नहीं चला।
एमसीडी का यह कच्चा नाला आगे जाकर ओखला एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी को सिंचाई विभाग की नहर के जरिए आगरा कैनाल तक पहुंचाता है। ऐसे में बचाव दल नाले से लेकर आगे के जलमार्ग में भी संभावित स्थानों की जांच कर रहा है।
🎯 मेट्रो स्टेशन के आगे नाला हो जाता है भूमिगत
रेस्क्यू ऑपरेशन को सबसे बड़ी चुनौती नाले की बनावट के कारण भी मिल रही है। क्रिब्स अस्पताल के आगे मेट्रो स्टेशन के कारण नाला भूमिगत हो जाता है और आगे जाकर सिंचाई विभाग की नहर से जुड़ता है।
आशंका जताई जा रही है कि पानी के तेज बहाव में मिथुन भूमिगत पाइपलाइन में चला गया हो और घुमावदार पाइपलाइन में कहीं फंस गया हो। इसी संभावना को देखते हुए बचाव दल नाले के साथ-साथ आगे की पाइपलाइन और नहर वाले हिस्से में भी तलाश कर रहा है।
🎯 घनी बस्ती और कचरे के कारण रेस्क्यू में परेशानी
एनडीआरएफ के एक अधिकारी के मुताबिक, कच्चे नाले के दोनों ओर घनी बस्ती है। जहां नाले के किनारे थोड़ी जगह है, वहां भी झाड़ियां मौजूद हैं। इसके अलावा नाले में कचरा जमा है और लोगों ने कई जगह सीवेज की लाइनें भी जोड़ रखी हैं।
इन परिस्थितियों के कारण बचाव दल को नाले के भीतर और आसपास अभियान चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
🎯 लापरवाही पर सरकार ने की कार्रवाई
घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव से पूरी रिपोर्ट मांगी और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जेई अनुज कुमार को निलंबित कर दिया गया।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता किशोर का पता लगाना है। एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं।
परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है और स्थानीय लोग भी प्रशासन से जल्द से जल्द मिथुन को खोज निकालने की मांग कर रहे हैं।
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