बेंगलुरु। दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबलों में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और भारतीय बल्लेबाज तिलक वर्मा ने अपने-अपने अंदाज में शानदार प्रदर्शन किया। एक तरफ पूर्व क्षेत्र के लिए खेल रहे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, तो दूसरी ओर दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा ने शानदार शतक लगाकर अपनी टीम को उत्तर क्षेत्र के खिलाफ मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जा रहे सेमीफाइनल के दूसरे दिन वैभव ने 81 गेंदों में 92 रन की आक्रामक पारी खेली। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में तिलक वर्मा ने 106 रन बनाकर दक्षिण क्षेत्र की बढ़त को मजबूत किया।
🎯 15 साल की उम्र में वैभव ने रचा इतिहास
पूर्व क्षेत्र और मध्य क्षेत्र के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
वैभव ने महज 15 साल और 175 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया।
इसके साथ ही उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था। उन्होंने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।
इस रिकॉर्ड सूची में भारत के पूर्व लेग स्पिनर पीयूष चावला भी शामिल हैं। उन्होंने 16 साल और 307 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।
🎯 81 गेंदों में 92 रन, शतक से चूके
रिकॉर्ड बनाने के बाद भी वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी जारी रही। उन्होंने 81 गेंदों में 92 रन बनाए और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला शतक लगाने से केवल आठ रन दूर रह गए।
उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 113.58 रहा।
वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर पूर्व क्षेत्र को शानदार शुरुआत दी। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 161 रन की साझेदारी की। अभिमन्यु ने 69 रन बनाए।
हालांकि इसके बाद मध्य क्षेत्र के बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे ने वैभव की पारी का अंत कर दिया।
🎯 कप्तान के चोटिल होने पर वैभव ने संभाली जिम्मेदारी
वैभव के लिए यह मुकाबला सिर्फ बल्लेबाजी के लिहाज से ही खास नहीं रहा। उन्हें मैच के दौरान अचानक कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ी।
पूर्व क्षेत्र के नियमित कप्तान ईशान किशन को पहले दिन सुबह के सत्र में हाथ में चोट लग गई थी। इसके बाद वैभव को टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई।
कप्तान के तौर पर भी उन्होंने मैदान पर अपनी समझ दिखाई। तेज गेंदबाज मुकेश कुमार के ओवर में मध्य क्षेत्र के बल्लेबाज के खिलाफ नॉटआउट फैसला आने के बाद वैभव ने रिव्यू लेने का फैसला किया। उनका यह रिव्यू सफल रहा।
🎯 पूर्व क्षेत्र ने बनाए 266 रन
वैभव की 92 रन की पारी और अभिमन्यु ईश्वरन के 69 रन की मदद से पूर्व क्षेत्र ने अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए।
मध्य क्षेत्र की ओर से हर्ष दुबे ने चार विकेट लिए, जबकि आर्यन पांडे और यश ठाकुर को तीन-तीन विकेट मिले।
मध्य क्षेत्र ने अपनी पहली पारी में भी 266 रन बनाए थे। इसके बाद दिन का खेल समाप्त होने तक मध्य क्षेत्र ने दूसरी पारी में तीन विकेट पर 43 रन बना लिए थे।
इस तरह मुकाबला रोमांचक स्थिति में पहुंच गया है।
🎯 तिलक वर्मा के शतक से दक्षिण क्षेत्र की पकड़ मजबूत
दलीप ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में दक्षिण क्षेत्र और उत्तर क्षेत्र के बीच मुकाबला भी रोमांचक बना हुआ है।
बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ग्राउंड नंबर-2 पर खेले जा रहे मुकाबले में दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा ने 106 रन की शानदार पारी खेली।
तिलक के शतक और मध्यक्रम में श्रेयस गोपाल के 88 रन की महत्वपूर्ण पारी के दम पर दक्षिण क्षेत्र ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 9 विकेट पर 285 रन बना लिए।
इस स्कोर के साथ दक्षिण क्षेत्र को उत्तर क्षेत्र के खिलाफ 90 रन की बढ़त मिल गई है।
🎯 पहली पारी में 195 रन पर सिमटा था उत्तर क्षेत्र
इससे पहले उत्तर क्षेत्र की पहली पारी सिर्फ 195 रन पर समाप्त हो गई थी।
उत्तर क्षेत्र की ओर से दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। गुरनूर बराड़ ने चार विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज ने दो-दो विकेट हासिल किए।
इसके बाद दक्षिण क्षेत्र के बल्लेबाजों ने पारी को संभाला। तिलक वर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए शतक लगाया और श्रेयस गोपाल ने 88 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।
🎯 वैभव और तिलक ने दिखाए अलग-अलग अंदाज
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल के दूसरे दिन दो बल्लेबाजों की पारियां खास चर्चा में रहीं।
वैभव सूर्यवंशी ने जहां 15 साल की उम्र में आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 81 गेंदों में 92 रन बनाए और 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, वहीं तिलक वर्मा ने 106 रन की शतकीय पारी खेलकर दक्षिण क्षेत्र को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
एक तरफ युवा वैभव ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराया, तो दूसरी तरफ तिलक ने कप्तान के रूप में जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को बढ़त दिलाई।
दलीप ट्रॉफी के दोनों सेमीफाइनल अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। पूर्व बनाम मध्य क्षेत्र के मुकाबले में दोनों टीमों का स्कोर बराबरी पर है, जबकि दक्षिण क्षेत्र ने उत्तर क्षेत्र पर 90 रन की बढ़त हासिल कर ली है।
