नई दिल्ली। महीने के आखिरी कारोबारी दिन सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक दोनों कीमती धातुओं पर दबाव रहा। हालांकि दिन में निचले स्तरों से कुछ रिकवरी भी देखने को मिली।
MCX पर कारोबार की शुरुआत में सोना करीब ₹2,600 और चांदी ₹3,600 से ज्यादा टूट गई। बाद में कीमतों में कुछ सुधार आया। वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के शाम के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹3,743 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी करीब ₹6,693 प्रति किलोग्राम सस्ती हुई।
🎯 24 कैरेट सोना ₹3,743 सस्ता
IBJA के सोमवार शाम 5 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,55,835 प्रति 10 ग्राम रही। इससे पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,59,578 प्रति 10 ग्राम था।
इस तरह एक ही कारोबारी सत्र में सोना करीब ₹3,743 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ।
वहीं चांदी की कीमत घटकर ₹2,37,199 प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,43,892 प्रति किलोग्राम पर थी। यानी चांदी में करीब ₹6,693 प्रति किलो की गिरावट आई।
🎯 अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के भाव
सोमवार को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने और चांदी के भाव इस प्रकार रहे:
| शहर | 24 कैरेट सोना/10 ग्राम | 22 कैरेट सोना/10 ग्राम | 18 कैरेट सोना/10 ग्राम | चांदी/किलो |
| ——— | ———————: | ———————: | ———————: | ———: |
| नई दिल्ली | ₹1,54,750 | ₹1,41,854 | ₹1,16,063 | ₹2,41,260 |
| मुंबई | ₹1,55,010 | ₹1,42,093 | ₹1,16,258 | ₹2,41,680 |
| पटना | ₹1,55,160 | ₹1,42,230 | ₹1,16,370 | ₹2,41,740 |
| जयपुर | ₹1,55,220 | ₹1,42,285 | ₹1,16,415 | ₹2,41,840 |
| कानपुर | ₹1,55,280 | ₹1,42,340 | ₹1,16,460 | ₹2,41,930 |
| लखनऊ | ₹1,55,280 | ₹1,42,340 | ₹1,16,460 | ₹2,41,930 |
| भोपाल | ₹1,55,400 | ₹1,42,450 | ₹1,16,550 | ₹2,42,130 |
| इंदौर | ₹1,55,400 | ₹1,42,450 | ₹1,16,550 | ₹2,42,130 |
| चंडीगढ़ | ₹1,55,240 | ₹1,42,303 | ₹1,16,430 | ₹2,41,870 |
| रायपुर | ₹1,55,030 | ₹1,42,111 | ₹1,16,273 | ₹2,41,520 |
नोट: ज्वैलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क के कारण अंतिम कीमत इन दरों से अलग हो सकती है।
🎯 MCX पर भी सोना-चांदी टूटी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोमवार को कीमती धातुओं में दबाव रहा।
सोने के अक्टूबर डिलीवरी वाले अनुबंध में कीमत ₹2,045 यानी 1.31 प्रतिशत गिरकर ₹1,54,236 प्रति 10 ग्राम रही।
चांदी के दिसंबर डिलीवरी वाले अनुबंध में ₹1,955 यानी 0.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और भाव करीब ₹2,40,489 प्रति किलोग्राम रहा।
कमजोर हाजिर मांग और कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने को गिरावट की प्रमुख वजहों में बताया गया।
🎯 अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट रही। Comex पर सोना करीब 1.15 प्रतिशत गिरकर $4,477.80 प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी करीब 1.71 प्रतिशत गिरकर $65.850 प्रति औंस पर रही।
बाद में दोनों धातुओं में कुछ सुधार देखने को मिला।
🎯 क्या सोना और सस्ता हो सकता है?
सोने की आगे की दिशा को लेकर बाजार में दो तरह के अनुमान हैं। एक तरफ ब्याज दरों और मजबूत डॉलर से सोने पर दबाव बढ़ सकता है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया के केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीदारी कीमतों को सहारा दे रही है।
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, यदि सरकार सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती करती है तो घरेलू बाजार में कीमतों में तेज री-प्राइसिंग हो सकती है। उनके आकलन के मुताबिक ऐसी स्थिति में सोना करीब 9 प्रतिशत तक नीचे आ सकता है।
हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की बात फिलहाल एक संभावना/अफवाह के तौर पर ही सामने आई है, इसे सरकार का घोषित फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
🎯 उदाहरण के तौर पर
🫵🏻 यदि सोने की कीमत ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम मानें और इसमें 9 प्रतिशत की गिरावट आती है तो:
₹1,55,000 × 9% = ₹13,950
💥 यानी कीमत करीब ₹14 हजार तक कम हो सकती है।
लेकिन यह केवल संभावित गणना है, भविष्य की कीमत की गारंटी नहीं।
🎯 दूसरी तरफ 2026 के अंत तक तेजी का अनुमान भी
कुछ अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोने में आगे भी मजबूती रह सकती है।
रिपोर्ट में गोल्डमैन सैक्स के अनुमान का हवाला देते हुए कहा गया है कि 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,900 प्रति औंस तक पहुंच सकता है।
इसका मतलब यह है कि सोने के बाजार में इस समय गिरावट और आगे संभावित तेजी—दोनों तरह के संकेत मौजूद हैं।
🎯 केंद्रीय बैंक क्यों खरीद रहे हैं सोना?
पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के केंद्रीय बैंकों की सोने में दिलचस्पी बढ़ी है। भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 2022 से पहले केंद्रीय बैंकों की औसत मासिक सोना खरीद करीब 17 टन बताई गई थी, जबकि 2026 में यह आंकड़ा काफी अधिक रहने का अनुमान है। जून 2026 में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी करीब 100 टन तक पहुंचने का दावा किया गया है।
🎯 भारत हर साल बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में शामिल है। देश में हर साल बड़ी मात्रा में सोने का आयात होता है।
सरकारी आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि FY26 में भारत का सोना आयात मूल्य के लिहाज से 24 प्रतिशत बढ़कर $71.9 बिलियन हो गया, जबकि आयात की मात्रा करीब 721 टन रही।
🎯 खरीदारी करने वालों के लिए क्या मायने?
सोने-चांदी में सोमवार की गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभी खरीदें या इंतजार करें?
अगर खरीदारी शादी, परिवार की जरूरत या लंबे समय के लिए करनी है तो एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध खरीदारी का विकल्प अपनाया जा सकता है। वहीं केवल छोटी अवधि में कीमत बढ़ने की उम्मीद पर खरीदारी करने वालों को बाजार की अस्थिरता और संभावित गिरावट को ध्यान में रखना चाहिए।
सबसे जरूरी बात: सोने-चांदी की कीमतों में रोजाना उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए किसी एक अनुमान को निश्चित भविष्यवाणी मानकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
Action Bharat की खास बात
31 अगस्त को सोना और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट आई है, लेकिन बाजार में अभी भी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक ओर ब्याज दर, डॉलर और कमजोर मांग कीमतों पर दबाव डाल सकते हैं, वहीं केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितता सोने को फिर ऊपर ले जा सकती है। इसलिए निवेश या बड़ी खरीदारी से पहले ताजा भाव और बाजार की स्थिति जरूर जांचें।
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