नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन के बीच विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शुरुआती दो मुकाबले गंवाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़े बदलाव किए हैं। इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने टीम की मौजूदा स्थिति को लेकर पुराने कोचों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
यूसुफ ने दावा किया कि उन्होंने कई साल पहले बाबर आजम समेत पाकिस्तान के कुछ बल्लेबाजों की तकनीक में खामियां बताई थीं, लेकिन उस समय के कोचों ने खिलाड़ियों का बचाव किया। उनके मुताबिक, जिन कमियों को समय रहते ठीक किया जा सकता था, वही अब पाकिस्तान क्रिकेट की बड़ी कमजोरी बन चुकी हैं।
‘ये कोच खेल के लिए जहर हैं’
मोहम्मद यूसुफ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पुराने कोचों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास स्पष्ट विजन नहीं था और उन्होंने खिलाड़ियों के आगे बढ़ने का रास्ता रोक दिया।
यूसुफ के मुताबिक, गलत मार्गदर्शन के कारण प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अगर खिलाड़ियों को यह स्पष्ट नहीं होगा कि उन्हें किसकी सलाह माननी है, तो उनके करियर पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
बाबर आजम की तकनीक पर पहले ही जताई थी चिंता
यूसुफ ने कहा कि उन्होंने कई साल पहले बाबर आजम और अन्य बल्लेबाजों की तकनीक में मौजूद कमियों की ओर ध्यान दिलाया था। उनका दावा है कि उस समय इन खामियों को सुधारने के बजाय कुछ कोचों ने खिलाड़ियों का बचाव किया।
यूसुफ के अनुसार, उस समय समस्या को ठीक करने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब वही तकनीकी कमजोरियां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद बढ़ा संकट
पाकिस्तान की टीम इस समय इंग्लैंड के दौरे पर है। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में पाकिस्तान को हार मिली है।
लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रन से हराया। इस हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़े बदलाव किए।
पीसीबी ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया। इसके अलावा टेस्ट टीम के कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी पद से हटा दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इमाम उल हक और मोहम्मद रिजवान को भी वापस भेजा गया है।
‘सालों पहले सुधारी जा सकती थी समस्या’
यूसुफ का कहना है कि पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा परेशानी अचानक पैदा नहीं हुई है। उनके मुताबिक, जिन तकनीकी और सिस्टम संबंधी समस्याओं को कई साल पहले सुधारा जा सकता था, वे अब गंभीर कमजोरी बन चुकी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार संघर्ष कर रहा है और इसके लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ उन्हें सही दिशा देने वाले सिस्टम और कोचिंग व्यवस्था की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
अब बाबर और टीम पर बढ़ा दबाव
इंग्लैंड के खिलाफ लगातार हार के बाद पाकिस्तान टीम पर दबाव बढ़ गया है। कप्तान बाबर आजम का प्रदर्शन भी सवालों के घेरे में है। वहीं टीम में बड़े पैमाने पर किए गए बदलावों ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड मौजूदा स्थिति से संतुष्ट नहीं है।
मोहम्मद यूसुफ के बयान के बाद अब बहस सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि पाकिस्तान की कोचिंग व्यवस्था, तकनीकी प्रशिक्षण और नेतृत्व प्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।
