तमिलनाडु/चेन्नई। तमिलनाडु में कथित FQL क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाले ने बड़ी संख्या में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में करीब ₹25 करोड़ के नुकसान का शुरुआती अनुमान सामने आया है। इसी बीच डिंडीगुल जिले में 25 वर्षीय युवक ए. राजा की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि राजा ने कई लोगों को FQL स्कीम में निवेश करने के लिए तैयार किया था और पैसे फंसने के बाद निवेशक उससे रकम वापस करने का दबाव बना रहे थे।
निवेशकों को दिलाया था भारी मुनाफे का भरोसा
पुलिस के मुताबिक, FQL इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग, FQL एक्सचेंज ऐप और VG इन्वेस्टमेंट ग्रुप सिंडिकेट से जुड़े नेटवर्क के जरिए लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया गया।
स्थानीय एजेंट कथित तौर पर लोगों को कम समय में बड़ी कमाई का भरोसा देते थे। निवेशकों से कहा जाता था कि क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के जरिए उनका पैसा 40 से 45 दिनों में दोगुना हो सकता है।
लोगों से नकद के अलावा Google Pay और UPI के जरिए भी रकम ली गई।
पैसे निकालने की कोशिश हुई तो सामने आया कथित फर्जीवाड़ा
मामला उस समय बिगड़ना शुरू हुआ जब निवेशकों ने अपने खाते से पैसे निकालने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, रकम निकालने में परेशानी आने लगी और बाद में कुछ निवेशकों से अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई।
इसके बाद कथित तौर पर ऐप बंद हो गया और निवेशक अपने अकाउंट में दिखाई दे रही रकम तक भी पहुंच नहीं सके।
इससे उन लोगों में नाराजगी बढ़ गई जिन्होंने अपनी जमा पूंजी इस स्कीम में लगाई थी।
राजा पर बढ़ता गया निवेशकों का दबाव
पुलिस के अनुसार, राजा ने अपने परिचितों और अन्य लोगों को FQL स्कीम में निवेश करने के लिए तैयार किया था। जब निवेशकों का पैसा फंस गया तो वे राजा से अपनी रकम वापस मांगने लगे।
बताया गया है कि लगातार बढ़ते दबाव के बीच राजा मानसिक तनाव में था। इसी दौरान डिंडीगुल जिले में उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना के बाद कुछ निवेशक और प्रभावित परिवार राजा के घर के बाहर भी पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि शायद उनकी निवेश की गई रकम के संबंध में कोई जानकारी या पैसा वहां मिल सके।
चार जिलों में फैला था कथित नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, FQL से जुड़ी गतिविधियां पिछले करीब सात महीनों से तमिलनाडु के कई जिलों में चल रही थीं। इनमें:
- मदुरै
- डिंडीगुल
- विरुधुनगर
- शिवगंगा
शामिल हैं।
मदुरै के मेलूर और अलंगनल्लूर सहित कई क्षेत्रों से पीड़ित पुलिस के पास शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
छह FIR दर्ज, 21 लोग गिरफ्तार
जांच के दौरान अब तक कुल छह FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन मामले मदुरै में और एक-एक मामला डिंडीगुल, विरुधुनगर तथा शिवगंगा में दर्ज बताया गया है।
पुलिस ने कथित नेटवर्क से जुड़े 21 लोगों को गिरफ्तार किया है और आरोपियों से संबंधित 13 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का प्रमोटर अमेरिका से लौटकर आया एक व्यक्ति बताया गया है। उसके साथ 20 अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।
EOW को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक ने इससे जुड़े सभी छह मामलों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी है।
जांच EOW को सौंपे जाने के पीछे बड़ी संख्या में पीड़ित, कथित भारी वित्तीय नुकसान और क्रिप्टो वॉलेट से जुड़े संदिग्ध लेनदेन जैसे पहलुओं को प्रमुख कारण बताया गया है।
जांच एजेंसियां USDT और Binance वॉलेट से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।
₹25 करोड़ नुकसान का शुरुआती अनुमान
पुलिस के मुताबिक, अभी तक सामने आई शिकायतों के आधार पर निवेशकों को कम से कम ₹25 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि यह अंतिम आंकड़ा नहीं है। जांच आगे बढ़ने के साथ शिकायतों की संख्या और कथित नुकसान की राशि बढ़ सकती है।
मदुरै जिला प्रशासन की ओर से भी पीड़ितों की शिकायतें और निवेश से संबंधित जानकारी दर्ज करने के लिए विशेष अधिकारियों की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।
निवेशकों के पैसे का क्या होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन लोगों ने इस कथित क्रिप्टो स्कीम में पैसा लगाया, उन्हें उनकी रकम वापस मिल पाएगी या नहीं। पुलिस बैंक खातों और क्रिप्टो वॉलेट से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले वित्तीय रिकॉर्ड और आरोपों पर निर्भर करेगी।
महत्वपूर्ण: उपलब्ध जानकारी के अनुसार ₹25 करोड़ नुकसान का आंकड़ा शुरुआती शिकायतों पर आधारित अनुमान है, इसे अंतिम नुकसान नहीं माना जा सकता। मामले की जांच अभी जारी है।
