चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेता राहुल गांधी अगले 10 दिनों के भीतर पंजाब के दौरे पर पहुंच सकते हैं। उनके दौरे का कार्यक्रम लगभग तैयार हो चुका है और आने वाले दिनों में इसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी दौरे में शामिल होंगे।
राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को पंजाब कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी चुनावी अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी में जुटी है। इसी सिलसिले में बुधवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की मीडिया कोऑर्डिनेशन टीम ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ बैठक की।
AICC की टीम ने संभाली चुनावी तैयारियों की कमान
बैठक के बाद AICC के नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की टीम को भी पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान मीडिया अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पंजाब के सभी 23 जिलों में मीडिया कोऑर्डिनेशन के लिए नियुक्तियां की जाएंगी। इसके जरिए पार्टी की गतिविधियों और चुनावी मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
राहुल गांधी का कार्यक्रम लगभग फाइनल
हरिशंकर गुप्ता के मुताबिक राहुल गांधी का पंजाब दौरा अगले 10 दिनों में होगा। दौरे का कार्यक्रम लगभग फाइनल हो चुका है और जल्द ही इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।
राहुल गांधी के दौरे के दौरान पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के अलावा प्रदेश से जुड़े वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पार्टी की कोशिश है कि राहुल गांधी के दौरे के जरिए चुनावी अभियान को गति दी जाए और कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया जाए।
गुटबाजी के सवाल पर कांग्रेस ने दिया जवाब
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में मतभेद और गुटबाजी होना कोई नई बात नहीं है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अगर पार्टी के भीतर मतभेद बने रहें तो उसका नुकसान चुनाव में हो सकता है। ऐसे में कांग्रेस का लक्ष्य सभी नेताओं को एक साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरना है।
पंजाब कांग्रेस के भीतर लंबे समय से अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच मतभेद की चर्चा होती रही है। ऐसे में राहुल गांधी का प्रस्तावित दौरा पार्टी संगठन को एकजुट करने और चुनावी रणनीति को स्पष्ट दिशा देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
नशा, रोजगार और शिक्षा होंगे बड़े चुनावी मुद्दे
कांग्रेस ने आगामी चुनाव के लिए जिन मुद्दों पर फोकस करने के संकेत दिए हैं, उनमें पंजाब में नशे की समस्या, युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा प्रमुख हैं।
हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी। कांग्रेस का प्रयास रहेगा कि युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाया जाए।
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा रही है। वहीं रोजगार और शिक्षा को लेकर भी राजनीतिक दल लगातार एक-दूसरे पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस इन मुद्दों को आगामी विधानसभा चुनाव में अपने अभियान के केंद्र में रखने की तैयारी कर रही है।
चुनावी समितियों में बदलाव पर भी हाईकमान का रुख साफ
पंजाब कांग्रेस की चुनावी समितियों में संभावित बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर हरिशंकर गुप्ता ने हाईकमान के फैसले को लेकर स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान एक बार फैसला लेने के बाद उसमें बदलाव नहीं करता।
पार्टी के इस रुख से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस अब संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देकर चुनावी मैदान में उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे के बाद पार्टी के चुनावी अभियान को और तेज किए जाने की संभावना है।
