नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सबसे प्रमुख कारोबारी और पर्यटन स्थलों में शामिल कनॉट प्लेस को दोबारा वाहनमुक्त क्षेत्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) इनर सर्किल में वाहनों की आवाजाही सीमित करने के विकल्प पर विचार कर रही है। इस संबंध में NDMC के चेयरमैन ने स्थानीय लोगों, व्यापारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं।
इस बार NDMC की कोशिश बिना व्यापक विचार-विमर्श के व्यवस्था लागू करने के बजाय पहले लोगों और कारोबारियों की राय लेने की है। प्रस्ताव में मौसम के अनुसार नो-व्हीकल जोन का समय तय करने और सप्ताहांत में इसकी अवधि बढ़ाने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
गर्मी-सर्दी में अलग हो सकता है समय
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गर्मियों में शाम के समय और सर्दियों में दिन के समय कनॉट प्लेस के इनर सर्किल को वाहनमुक्त रखने का विकल्प सामने है।
इसके अलावा शनिवार-रविवार जैसे सप्ताहांत के दिनों में नो-व्हीकल अवधि को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रखने पर भी विचार किया जा रहा है।
NDMC का उद्देश्य इनर सर्किल को ऐसा क्षेत्र बनाना है जहां लोग बिना वाहनों के दबाव के पैदल घूम सकें, खरीदारी कर सकें और सार्वजनिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकें।
पहले भी हो चुका है ट्रायल
कनॉट प्लेस को वाहनमुक्त करने की कोशिश नई नहीं है। NDMC पहले भी अलग-अलग मौकों पर इनर सर्किल में वाहनों की आवाजाही रोकने या सीमित करने के लिए योजनाएं और ट्रायल कर चुका है।
हालांकि, इसे स्थायी व्यवस्था का रूप नहीं दिया जा सका। इसके पीछे व्यापारियों का विरोध, ग्राहकों के वाहनों की पहुंच, पार्किंग की समस्या और आसपास की सड़कों पर बढ़ने वाले ट्रैफिक जैसी चिंताएं प्रमुख रही हैं।
व्यापारियों का तर्क रहा है कि यदि ग्राहक अपनी कार या अन्य वाहन लेकर प्रतिष्ठानों तक नहीं पहुंच पाएंगे तो इससे कारोबार प्रभावित हो सकता है।
सेंट्रल पार्क में बढ़ेंगी गतिविधियां
NDMC की नई योजना केवल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने तक सीमित नहीं है। वाहनमुक्त अवधि के दौरान इनर सर्किल और सेंट्रल पार्क में विभिन्न सार्वजनिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने की योजना पर भी विचार हो रहा है।
इनमें—
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- संगीत कार्यक्रम
- स्ट्रीट परफॉर्मेंस
- कला प्रदर्शनियां
- योग गतिविधियां
- बच्चों के लिए कार्यक्रम
- हेरिटेज वॉक
जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।
इसका उद्देश्य कनॉट प्लेस को सिर्फ खरीदारी और कारोबारी गतिविधियों के केंद्र के बजाय मनोरंजन और सार्वजनिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
पार्किंग और ट्रैफिक सबसे बड़ी चुनौती
वाहनमुक्त व्यवस्था लागू करने से पहले NDMC को पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की ठोस व्यवस्था करनी होगी।
टैक्सी और ऑटो के लिए उचित पिक-अप और ड्रॉप प्वाइंट, आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता तथा बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए सुगम पहुंच सुनिश्चित करना अहम होगा।
इसके साथ ही यह भी देखना होगा कि इनर सर्किल में वाहनों की एंट्री सीमित होने के बाद आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कितना बढ़ता है।
कारोबारियों की राय होगी अहम
इस योजना की सफलता में कनॉट प्लेस के व्यापारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। NDMC के सामने चुनौती यह है कि पैदल यात्रियों के लिए बेहतर माहौल बनाने के साथ-साथ दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों के कारोबार पर नकारात्मक असर न पड़े।
ऐसे में स्थायी फैसला लेने से पहले सीमित अवधि का ट्रायल किया जा सकता है। ट्रायल के दौरान फुटफॉल, कारोबार, पार्किंग और यातायात पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जा सकता है।
फिलहाल NDMC ने लोगों और व्यापारियों से सुझाव मांगे हैं। प्राप्त सुझावों और व्यावहारिक चुनौतियों के आकलन के बाद ही कनॉट प्लेस के इनर सर्किल को वाहनमुक्त करने की अंतिम व्यवस्था तय होगी।
