Sugar Price: थोक बाजार में चीनी के दाम धड़ाम, ₹5200 प्रति क्विंटल तक पहुंची; फिर भी आम आदमी को राहत क्यों नहीं?

कारोबार

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 20% तक नीचे आई थोक कीमतें, लेकिन खुदरा बाजार में चीनी अब भी ₹64 प्रति किलो के आसपास

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों को लेकर बाजार से राहत और चिंता दोनों वाली खबर सामने आई है। देश के कई प्रमुख थोक बाजारों में चीनी के दाम पिछले कुछ दिनों में तेजी से नीचे आए हैं। मुंबई में जहां 22 अगस्त को चीनी का भाव ₹6,750 प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, वहीं 2 सितंबर तक यह घटकर करीब ₹5,200 प्रति क्विंटल रह गया।

दिल्ली के थोक बाजार में भी इसी अवधि में कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। यहां 22 अगस्त को चीनी करीब ₹6,600 प्रति क्विंटल के स्तर पर थी, जो 2 सितंबर तक घटकर करीब ₹5,700 प्रति क्विंटल रह गई।

हालांकि, थोक बाजार में आई इस गिरावट का असर अभी तक पूरी तरह खुदरा बाजार तक नहीं पहुंचा है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं को चीनी खरीदते समय अब भी अपेक्षाकृत ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

मुंबई में 1550 रुपये तक की गिरावट

मुंबई के थोक बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो 22 अगस्त से 2 सितंबर के बीच चीनी की कीमत में करीब ₹1,550 प्रति क्विंटल की गिरावट आई।

यानी जहां 22 अगस्त को 100 किलो चीनी के लिए करीब ₹6,750 चुकाने पड़ रहे थे, वहीं 2 सितंबर को यही मात्रा लगभग ₹5,200 में उपलब्ध रही।

इस हिसाब से थोक भाव में करीब 23% की गिरावट बैठती है। स्रोत में इसे रिकॉर्ड स्तर से लगभग 20% के आसपास का करेक्शन बताया गया है।

दिल्ली में भी कीमतें नीचे आईं

दिल्ली के थोक बाजार में भी चीनी की कीमतों में तेजी से बदलाव हुआ है।

22 अगस्त को चीनी का भाव करीब ₹6,600 प्रति क्विंटल था। 2 सितंबर तक यह घटकर करीब ₹5,700 प्रति क्विंटल रह गया।

इस तरह दिल्ली में करीब ₹900 प्रति क्विंटल की कमी देखने को मिली है।

UP, महाराष्ट्र और कर्नाटक में क्या है भाव?

देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में भी मिल स्तर पर कीमतों में नरमी आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में फैक्ट्री स्तर पर चीनी की कीमत करीब ₹5,100 से ₹5,300 प्रति क्विंटल के बीच पहुंच गई है।

यह गिरावट बाजार में बढ़ती उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति में सुधार से जोड़कर देखी जा रही है।

फिर खुदरा बाजार में चीनी इतनी महंगी क्यों?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब थोक बाजार में चीनी के दाम ₹51-53 प्रति किलो के आसपास आ गए हैं, तो आम उपभोक्ता को दुकानों पर अभी भी करीब ₹60-68 प्रति किलो तक भुगतान क्यों करना पड़ रहा है?

उपलब्ध उपभोक्ता मूल्य आंकड़ों के मुताबिक, देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹64.24 प्रति किलो बनी हुई है।

महानगरों में भी स्थिति अलग-अलग है। उपलब्ध आंकड़ों में:

  • मुंबई: करीब ₹66 प्रति किलो
  • दिल्ली: करीब ₹62 प्रति किलो
  • रांची: करीब ₹68 प्रति किलो

इससे साफ है कि थोक और खुदरा कीमतों के बीच अभी भी अच्छा-खासा अंतर बना हुआ है।

जमाखोरी पर कार्रवाई का दिख रहा असर?

चीनी की थोक कीमतों में गिरावट के पीछे बाजार में आपूर्ति बढ़ने के साथ-साथ जमाखोरी पर सरकार की सख्ती को भी एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।

जब किसी वस्तु की उपलब्धता सीमित होती है और बाजार में मांग बनी रहती है, तो कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं सरकार की निगरानी और कार्रवाई के कारण यदि स्टॉक बाजार में वापस आता है तथा मिलों से नई खेप लगातार पहुंचती है, तो आपूर्ति बढ़ने से कीमतों पर नीचे आने का दबाव बनता है।

चीनी बाजार में हालिया घटनाक्रम को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।

मिलों से नई खेप आने से बढ़ी सप्लाई

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, चीनी मिलों से नई खेप बाजार में पहुंचने लगी है। इससे थोक कारोबारियों के पास उपलब्धता बढ़ी है और ऊंचे दामों पर बनी तेजी कमजोर हुई है।

थोक कीमतों में गिरावट का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि बाजार में पहले की तुलना में आपूर्ति का दबाव कम हुआ है।

क्या खुदरा कीमतें भी जल्द घटेंगी?

थोक बाजार में कीमतों में गिरावट के बावजूद खुदरा कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं आई है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में थोक बाजार की सस्ती चीनी का फायदा उपभोक्ताओं तक कितनी तेजी से पहुंचता है।

खुदरा कीमतों में बदलाव केवल थोक भाव पर निर्भर नहीं करता। इसमें परिवहन, स्टॉक की खरीद कीमत, व्यापारियों का मार्जिन, स्थानीय मांग और बाजार में उपलब्ध पुराने स्टॉक जैसे कई कारक भूमिका निभाते हैं।

अगर थोक कीमतों में नरमी बनी रहती है और नई सप्लाई लगातार बाजार में आती रहती है, तो खुदरा बाजार में भी कीमतों पर नीचे आने का दबाव बन सकता है।

त्योहारी सीजन से पहले बाजार पर नजर

सितंबर से देश में त्योहारों का दौर तेज होने लगता है और इस दौरान मिठाइयों, बेकरी उत्पादों तथा अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में आने वाले सप्ताह चीनी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

एक तरफ थोक कीमतों में तेज गिरावट उपभोक्ताओं के लिए उम्मीद पैदा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ त्योहारी मांग बढ़ने पर बाजार में कीमतों पर फिर से दबाव बन सकता है।

Bottom Line

चीनी के थोक दामों में बड़ी गिरावट जरूर आई है, लेकिन खुदरा बाजार में इसका फायदा अभी पूरी तरह उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है। मुंबई में ₹6,750 से घटकर ₹5,200 और दिल्ली में ₹6,600 से ₹5,700 प्रति क्विंटल तक कीमत आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि खुदरा दुकानों पर चीनी कब सस्ती होगी।

त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में चीनी की कीमत किस दिशा में जाती है, इस पर उपभोक्ताओं के साथ-साथ कारोबारियों की भी नजर रहेगी।

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