नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की टीम के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले दो टेस्ट गंवाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम में बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए सात खिलाड़ियों को इंग्लैंड दौरे से वापस भेज दिया। इनमें अनुभवी बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
अब सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक रिजवान और इमाम को केवल खराब प्रदर्शन के कारण ही बाहर नहीं किया गया, बल्कि ड्रेसिंग रूम में उनके व्यवहार को लेकर भी PCB के भीतर नाराजगी थी। मामले की जांच के लिए इन खिलाड़ियों से कमेटी के सामने स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात कही जा रही है।
सात खिलाड़ियों को भेजा गया वापस
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान को शुरुआती दोनों टेस्ट में करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़ा फेरबदल किया और सात खिलाड़ियों को वापस पाकिस्तान भेज दिया।
वापस भेजे गए खिलाड़ियों में:
- मोहम्मद रिजवान
- इमाम-उल-हक
- सलमान अली आगा
- अली उस्मान
- आमिर जमाल
- मोहम्मद अवैस जफर
- खुर्रम शहजाद
शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यह फैसला दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान की 194 रन की हार के बाद लिया गया।
पाकिस्तान की टीम फिलहाल तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से पीछे है और तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाना है।
रिजवान और इमाम पर सिर्फ फॉर्म का सवाल नहीं
PCB से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक रिजवान और इमाम को खराब फॉर्म के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम में उनके व्यवहार को लेकर भी हटाया गया।
यह दावा सामने आने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में विवाद और गहरा गया है, क्योंकि दोनों खिलाड़ी टीम के अनुभवी सदस्यों में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दौरों के दौरान हुई कुछ घटनाओं को लेकर रिजवान, इमाम और सलमान अली आगा से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
हालांकि, इन खिलाड़ियों के खिलाफ किसी अंतिम अनुशासनात्मक निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल ये बातें PCB से जुड़े सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं।
इमाम के चोटिल होने पर भी उठे सवाल
इमाम-उल-हक को लेकर एक और सवाल उस समय उठा जब वह लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं कर सके। उन्हें लो-ग्रेड काफ इंजरी बताई गई थी।
पाकिस्तान के वरिष्ठ चयनकर्ता आकिब जावेद ने भी संकेत दिया था कि इमाम के लॉर्ड्स टेस्ट में बल्लेबाजी नहीं करने के मामले में जांच की जा सकती है।
यही वजह है कि इमाम की स्थिति केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गई है और टीम प्रबंधन के फैसलों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आकिब जावेद पर भी गिर सकती है गाज
पाकिस्तान क्रिकेट में जारी बदलाव का अगला असर आकिब जावेद पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
PCB से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी चयन व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। आकिब जावेद को नेशनल सेलेक्शन कमेटी से हटाकर लाहौर हाई परफॉर्मेंस सेंटर में डायरेक्टर डेवलपमेंट की भूमिका पर ध्यान देने के लिए कहा जा सकता है।
आकिब जावेद पाकिस्तान क्रिकेट में लंबे समय से प्रभावशाली भूमिका में रहे हैं। इसलिए अगर चयन समिति में बदलाव होता है तो इसे PCB की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा फेरबदल माना जाएगा।
चयन समिति के सदस्यों को नोटिस
रिपोर्ट के मुताबिक PCB ने चयन समिति और एडवाइजरी कमेटी से जुड़े सदस्यों को नोटिस भी जारी किए हैं।
इनसे मुख्य रूप से सवाल पूछा गया है कि:
- इंग्लैंड दौरे के लिए रिजवान और इमाम का चयन किन आधारों पर किया गया?
- चयन के लिए कौन-से मानदंड अपनाए गए?
- मौजूदा चयन नीति का आधार क्या था?
- इंग्लैंड दौरे पर टीम के खराब प्रदर्शन के लिए चयन व्यवस्था की क्या जिम्मेदारी है?
इसके बाद नई चयन समिति के गठन की संभावना भी जताई जा रही है।
मिस्बाह-उल-हक भी छोड़ सकते हैं पद
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और चयन समिति से जुड़े मिस्बाह-उल-हक के बारे में भी रिपोर्ट है कि उन्होंने पद छोड़ने की पेशकश की है।
इससे संकेत मिलता है कि इंग्लैंड दौरे पर टीम के प्रदर्शन के बाद मामला केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि चयन और टीम मैनेजमेंट की पूरी व्यवस्था समीक्षा के घेरे में आ गई है।
इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनकी जिम्मेदारियों से हटा दिया था।
माइक हेसन को मिली अंतरिम जिम्मेदारी
सरफराज अहमद की जगह न्यूजीलैंड के माइक हेसन को रेड-बॉल टीम की अंतरिम जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि हेसन ने बाद में साफ किया कि रिजवान, इमाम और सलमान जैसे खिलाड़ियों को वापस भेजने के फैसले में उनकी भूमिका नहीं थी, क्योंकि यह निर्णय उनके रेड-बॉल कोच के रूप में जिम्मेदारी संभालने से पहले लिया जा चुका था।
इसके बावजूद हेसन की भूमिका को लेकर PCB भविष्य में बड़ा फैसला ले सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक यदि हेसन रेड-बॉल टीम के स्थायी मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार होते हैं तो बोर्ड उन्हें इस पद पर बनाए रखने पर विचार कर सकता है। अगर वह तैयार नहीं होते, तो नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज से पहले नए रेड-बॉल कोच की नियुक्ति की जा सकती है।
पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ी अस्थिरता
इंग्लैंड दौरे के बीच इतने बड़े बदलाव ने पाकिस्तान क्रिकेट की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सात खिलाड़ियों को हटाना, कोचिंग स्टाफ में बदलाव और चयन समिति में संभावित फेरबदल ने टीम की तैयारियों को भी प्रभावित किया है।
पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने भी बोर्ड के इस फैसले की आलोचना की है। पूर्व कप्तान रमीज राजा ने इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया, जबकि अन्य पूर्व क्रिकेटरों ने भी टीम में अचानक किए गए बदलावों पर सवाल उठाए हैं।
तीसरे टेस्ट से पहले बड़ा सवाल
पाकिस्तान के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि लगातार बदलावों के बीच टीम तीसरे टेस्ट में किस तरह मैदान पर उतरती है। एक तरफ टीम सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी है, वहीं दूसरी तरफ ड्रेसिंग रूम, चयन नीति और बोर्ड प्रशासन को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है।
रिजवान और इमाम पर लगे व्यवहार संबंधी आरोपों की जांच क्या नतीजा देती है और PCB की नई चयन व्यवस्था किस दिशा में जाती है—यह आने वाले दिनों में पाकिस्तान क्रिकेट के लिए बेहद अहम होगा।
News for Action Bharat
