नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुख्यात मोनू पोचनपुरिया गैंग से जुड़े बताए जा रहे 46 वर्षीय राजीव डागर उर्फ मोनू पोचनपुरिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी तथा आर्म्स एक्ट समेत 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में आरोपी के कब्जे से दो पिस्टल और कुल 16 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से किसी संभावित हिंसक वारदात या गैंगवार की आशंका को टालने में मदद मिली।
जनकपुरी में आने की मिली थी सूचना
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि राजीव डागर अवैध हथियारों के साथ जनकपुरी इलाके में आने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक टीम गठित की गई।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मार्गदर्शन और एसीपी राज कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर प्रकाश चंद की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए निगरानी शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, टीम को हयात होटल, जनकपुरी के पास एक सफेद रंग की टोयोटा यारिस कार दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने कथित तौर पर वाहन लेकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
तलाशी में पिस्टल और 10 कारतूस बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपी की तलाशी लेने पर उसकी जेब से एक पिस्टल और 10 कारतूस बरामद हुए। हथियार बरामद होने के बाद क्राइम ब्रांच थाने में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर टीम ने मटियाला गांव स्थित उसके ठिकाने पर कार्रवाई की।
वहां से पुलिस ने एक और पिस्टल और छह अतिरिक्त कारतूस बरामद किए। इस तरह कुल दो पिस्टल और 16 कारतूस पुलिस के कब्जे में आए।
तकनीकी निगरानी से पुलिस को मिली अहम जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों और संपर्कों पर तकनीकी निगरानी भी रखी। क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल विनोद ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी के संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई।
पुलिस के मुताबिक, राजीव अपने कुछ सहयोगियों से संपर्क करने के लिए यूके आधारित अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। जांच एजेंसियां अब इन नंबरों और आरोपी के संपर्क में रहने वाले लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर सकती हैं।
46 साल का है राजीव डागर
पुलिस के अनुसार, राजीव डागर की उम्र 46 वर्ष है और वह मूल रूप से दिल्ली के इसापुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह गुरुग्राम में रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक, राजीव ने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और वर्ष 2000 के आसपास चोरी की घटनाओं से अपराध की दुनिया में प्रवेश किया था। इसके बाद उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होते गए।
हालांकि, उसके आपराधिक इतिहास और विभिन्न मामलों में उसकी भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित मामलों की न्यायिक प्रक्रिया और रिकॉर्ड के आधार पर ही तय होगी।
2002 और 2005 में हत्या के मामले का दावा
क्राइम ब्रांच के अनुसार, वर्ष 2002 में आपसी विवाद के दौरान अशोक नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में राजीव का नाम सामने आया था।
पुलिस का दावा है कि वर्ष 2005 में जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी महिला मित्र के भाई खलिंदर की हत्या की वारदात को भी अंजाम दिया।
इन घटनाओं के बाद राजीव का नाम दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क से जुड़ता चला गया।
2010 में गैंग बनाने का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2010 में जेल से बाहर आने के बाद राजीव ने ‘मोनू पोचनपुरिया गैंग’ बनाया। पुलिस का आरोप है कि इस गिरोह की गतिविधियों में रंगदारी वसूली और जमीन पर कब्जे से जुड़े मामले शामिल रहे।
गिरोह से जुड़े लोगों के बीच आपसी वर्चस्व को लेकर विवाद भी सामने आते रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस राजीव के पुराने आपराधिक नेटवर्क और उसके संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।
2018 का डबल मर्डर भी जांच के केंद्र में
क्राइम ब्रांच के अनुसार, वर्ष 2018 में द्वारका कोर्ट जा रहे विरोधी गैंग के दो सदस्यों की हत्या के मामले में भी राजीव और उसके गिरोह की भूमिका सामने आई थी।
पुलिस के मुताबिक, बामनौली गांव के पास दिनदहाड़े संदीप उर्फ मेंटल और उसके साथी पवन पोनी की हत्या की गई थी। इस घटना को गैंगवार से जोड़कर देखा गया था।
इसके बाद कथित तौर पर दोनों गुटों के बीच दुश्मनी और बढ़ गई।
हत्या के बदले हत्या से बढ़ी गैंगवार
पुलिस के अनुसार, 2018 की घटना के बाद संदीप के भाई जोगिंदर ने कथित तौर पर बदला लेने के लिए राजीव की महिला मित्र कमलेश की हत्या कर दी थी।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी और हिंसक संघर्ष की स्थिति बनी रही। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के जरिए इस पूरे नेटवर्क, पुराने विवादों और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस को आशंका, हथियारों का इस्तेमाल किसी वारदात में हो सकता था
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी के पास से हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद होना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में हुआ है या इनका इस्तेमाल किसी आगामी वारदात के लिए किया जाना था।
दो पिस्टल और 16 कारतूस की बरामदगी के बाद हथियारों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि बरामद हथियार किसी पुराने आपराधिक मामले से जुड़े हैं या नहीं।
गिरफ्तारी और बरामदगी की मुख्य बातें
- गिरफ्तार आरोपी: राजीव डागर उर्फ मोनू पोचनपुरिया
- उम्र: 46 वर्ष
- मूल निवासी: इसापुर गांव, दिल्ली
- वर्तमान ठिकाना: गुरुग्राम
- बताया गया संबंध: मोनू पोचनपुरिया गैंग
- पुलिस के अनुसार आपराधिक मामले: 14
- बरामद हथियार: 2 पिस्टल
- बरामद कारतूस: 16
- गिरफ्तारी का स्थान: जनकपुरी क्षेत्र
- एक अन्य बरामदगी: मटियाला गांव स्थित ठिकाने से
- मुख्य धाराएं/मामले: हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न मामले
दिल्ली क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई राजधानी में सक्रिय आपराधिक गिरोहों और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब जांच एजेंसी के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं, बरामद हथियार कहां से आए और क्या हाल के दिनों में किसी बड़ी आपराधिक वारदात की योजना बनाई जा रही थी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ा दी है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पुराने मामलों में उसकी भूमिका का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
