असम (Action Bharat) | दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले छात्र-छात्राओं में डर और असुरक्षा का माहौल है। हादसे के बाद दक्षिणी दिल्ली के कई कॉलेज प्रभावित विद्यार्थियों की मदद के लिए आगे आए हैं। कॉलेजों ने अपने हॉस्टल और कक्षाओं में छात्रों के ठहरने की व्यवस्था करने के साथ-साथ भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं।
हादसे वाली जगह के बिल्कुल नजदीक स्थित श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ने भी प्रभावित विद्यार्थियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए। रविवार शाम से ही यहां छात्रों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था शुरू कर दी गई थी।
72 छात्रों ने कॉलेज में ली शरण
श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के प्राचार्य के अनुसार, रविवार रात कुल 72 विद्यार्थियों ने कॉलेज में शरण ली। इनमें 46 छात्र और 26 छात्राएं शामिल थीं।
ये सभी विद्यार्थी सत्य निकेतन में ढही इमारत के आसपास स्थित पीजी में रहते हैं। हादसे के बाद भयभीत विद्यार्थियों ने रात कॉलेज में बिताना सुरक्षित समझा।
कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों के ठहरने के लिए 10 कमरे खाली कराए और उनके रहने की व्यवस्था की। कॉलेज के प्राचार्य वी. रवि और स्टाफ के सदस्यों ने भी छात्रों के साथ कॉलेज में रात बिताई।
दूसरे कॉलेजों ने भी मदद के लिए बढ़ाया हाथ
सत्य निकेतन हादसे के बाद केवल श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ही नहीं, बल्कि राम लाल आनंद कॉलेज और शहीद भगत सिंह कॉलेज समेत दक्षिणी दिल्ली के कई कॉलेज प्रभावित विद्यार्थियों की मदद के लिए आगे आए हैं।
कॉलेजों की ओर से छात्रों को अस्थायी रूप से रहने की जगह देने के साथ भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
श्री वेंकटेश्वर कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के किसी भी कॉलेज में पढ़ने वाले ऐसे विद्यार्थी जो सत्य निकेतन इलाके में रहते हैं और हादसे के बाद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, वे कॉलेज में आकर रुक सकते हैं।
रातभर छात्रों के साथ रहे प्राचार्य और कर्मचारी
कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों को सिर्फ कमरे उपलब्ध कराने तक अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी। प्राचार्य वी. रवि सहित शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने छात्रों के साथ रात बिताई।
स्टूडेंट वालंटियर भी विद्यार्थियों की मदद में जुटे रहे। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जरूरतमंद छात्रों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
छात्रों में हादसे के बाद डर
सत्य निकेतन हादसे ने आसपास के पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में छात्र दूसरे राज्यों से दिल्ली आकर पढ़ाई करते हैं और पीजी में रहते हैं।
बिहार की रहने वाली छात्रा शांभवी ने बताया कि वह सत्य निकेतन के एक पीजी में रहती हैं। हादसे के बाद वह और दूसरे छात्र काफी डर गए थे, इसलिए उन्होंने रात कॉलेज में बिताने का फैसला किया।
शांभवी ने पीजी में सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराने की जरूरत पर भी जोर दिया।
आगरा की रहने वाली छात्रा लक्षिता ने बताया कि हादसे के बाद उनके परिवार के लोग काफी चिंतित हैं और उन्हें भी डर लग रहा था। उन्होंने कहा कि पीजी में पैसे लेने के बावजूद कई बार विद्यार्थियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलती हैं।
पीजी की सुरक्षा पर उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए संचालित पीजी और किराये के आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि केवल किराया वसूलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भवन की सुरक्षा, आपातकालीन निकास, अग्नि सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की भी नियमित जांच होनी चाहिए।
हादसे के बाद कॉलेजों द्वारा छात्रों को तत्काल सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना राहत की बात है, लेकिन लंबे समय में पीजी और किराये की इमारतों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को भी प्रभावी कदम उठाने होंगे।
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