10 रुपये का लालच देकर सात वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म का आरोप, पड़ोसी गिरफ्तार; आपबीती सुन परिजनों के उड़े होश

क्राइम

नई दिल्ली (Action Bharat) | दिल्ली के निहाल विहार इलाके में सात वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म के आरोप में पुलिस ने उसके पड़ोसी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फैक्ट्री में काम करने वाले व्यक्ति ने बच्चे को 10 रुपये देने का लालच देकर अपने घर बुलाया और उसके साथ वारदात की। आरोपी ने बच्चे को घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी भी दी थी।

वारदात के बाद बच्चा रोते हुए अपने घर पहुंचा और परिजनों को पूरी बात बताई। बच्चे की आपबीती सुनकर परिवार के लोग सकते में आ गए। परिजनों की शिकायत के बाद निहाल विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

10 रुपये का लालच देकर बच्चे को घर बुलाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चे का पड़ोसी है और एक फैक्ट्री में काम करता है। आरोप है कि उसने सात वर्षीय बच्चे को 10 रुपये देने का लालच दिया और इसी बहाने उसे अपने घर बुलाया।

पुलिस के मुताबिक, घर बुलाने के बाद आरोपी ने बच्चे के साथ कुकर्म किया। वारदात के बाद उसने बच्चे को धमकाया कि वह घटना के बारे में किसी को जानकारी न दे।

रोते हुए घर पहुंचा बच्चा, परिजनों को बताई आपबीती

घटना के बाद बच्चा रोते हुए अपने घर पहुंचा। उसकी हालत देखकर परिजनों ने उससे पूछताछ की। बच्चे के नाना ने जब उससे घटना के बारे में जानकारी मांगी तो उसने पूरी आपबीती बताई।

बच्चे की बात सुनकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। इसके बाद परिजनों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

परिजनों की शिकायत मिलने के बाद निहाल विहार थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए आरोपी पड़ोसी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

बच्चे को धमकाने का भी आरोप

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वारदात के बाद बच्चे को धमकी दी थी कि वह किसी को इस घटना के बारे में न बताए। हालांकि, बच्चा घर पहुंचने के बाद परिजनों को पूरी घटना बताने में सफल रहा, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, जांच जारी

फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

यह मामला बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। अभिभावकों और परिवार के सदस्यों के लिए यह जरूरी है कि बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव या किसी असामान्य स्थिति को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस की मदद लें।

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